दंगाई सत्ता में हैं, बजरंग दल-विहिप भस्मासुर – तौकीर रजा

बरेली, 2 अप्रैल 2025: वक्फ संशोधन बिल 2024 को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच बरेली के प्रमुख मौलाना और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष तौकीर रजा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। लोकसभा में आज इस बिल पर चर्चा के बीच तौकीर रजा ने कहा, “वक्फ संशोधन बिल किसी कीमत पर कबूल नहीं। यह हमारी धार्मिक आजादी और संपत्ति पर हमला है। दंगाई सत्ता में हैं, इसलिए दंगे नहीं हो रहे। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अब भस्मासुर बन गए हैं, जो अपने ही पैदा करने वालों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।”

बरेली में एक सभा को संबोधित करते हुए तौकीर रजा ने कहा, “यह बिल वक्फ की जमीनों को हड़पने की साजिश है। सरकार की नजर हमारी संपत्ति पर है, लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे। अल्हम्दुलिल्लाह, हम जागरूक हैं। किसी के बाप में ताकत नहीं कि हमारी जायदाद छीन ले।” उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, “इन संगठनों ने बजरंग दल और विहिप को जन्म दिया, लेकिन अब ये उनके काबू से बाहर हो गए हैं। ये भस्मासुर की तरह खुद सरकार के लिए खतरा बन चुके हैं।”

वक्फ संशोधन बिल में 14 बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं, जिनमें गैर-मुस्लिमों और महिलाओं को वक्फ बोर्ड में शामिल करना, संपत्तियों का केंद्रीकृत पंजीकरण और जिला मजिस्ट्रेट की निगरानी शामिल है। सरकार का कहना है कि यह पारदर्शिता और भ्रष्टाचार रोकने के लिए है, लेकिन तौकीर रजा सहित कई मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक हस्तक्षेप मानते हैं। रजा ने कहा, “यह शरीयत में दखल है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ हर हद तक जाएंगे।”

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तौकीर रजा ने केंद्र सरकार को “दंगाई सत्ता” करार देते हुए कहा, “जब दंगे कराने वाले खुद सत्ता में हों, तो दंगे क्यों होंगे? यह बिल ताकत का गलत इस्तेमाल है। सरकार मुस्लिमों को कमजोर करना चाहती है, लेकिन हम एकजुट होकर इसका जवाब देंगे।” उन्होंने मुस्लिम समुदाय से संगठित होने और शांतिपूर्ण विरोध की अपील की।

लोकसभा में आज सुबह 12 बजे से वक्फ बिल पर बहस शुरू हुई है। एनडीए के सहयोगी दलों ने समर्थन का ऐलान किया है, लेकिन विपक्ष इसे रोकने के लिए तैयार है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के 50 जिलों में फ्लैग मार्च, पुलिस की छुट्टियां रद्द और ड्रोन से निगरानी शुरू की गई है। बरेली में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, क्योंकि तौकीर रजा के बयानों के बाद तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

तौकीर रजा का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। समर्थकों ने इसे “मुस्लिम हकों की लड़ाई” करार दिया, जबकि कुछ ने शांति बनाए रखने की अपील की। यह मुद्दा अब सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़कों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी गरमा गया है।

वक्फ बिल पर तौकीर रजा का यह तीखा रुख एक बड़े आंदोलन की ओर इशारा कर रहा है। क्या यह विवाद और गहराएगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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