जलती झोपड़ी से किताबें बचाने भागी मासूम: हौसले ने जीता सबका दिल!
अंबेडकर नगर, 25 मार्च 2025: उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको भावुक कर दिया। जिले के जलालपुर क्षेत्र में अजईपुर गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक झोपड़ी में आग लग गई। आग की लपटों और धुएं के बीच एक नन्ही बच्ची, अनन्या, अपनी जान की परवाह न करते हुए अपनी किताबें और स्कूल बैग बचाने के लिए जलती झोपड़ी की ओर दौड़ी। उसने किताबों को सीने से लगाया और तेजी से बाहर भागी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही छप्पर में आग लगी और उसे गिराने का काम शुरू हुआ, अनन्या ने चिल्लाकर कहा, “रुकिए, मेरी किताबें और बैग अंदर हैं!” इसके बाद वह बिना डरे जलते ढांचे की ओर बढ़ी और अपने भविष्य को आग से बचा लाई। इस मासूम के जज्बे ने न सिर्फ वहाँ मौजूद लोगों को हैरान किया, बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा।
यह घटना 23 मार्च को हुई, जब प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया था। आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी, लेकिन अनन्या की हिम्मत ने साबित कर दिया कि सपनों की कीमत हर खतरे से बड़ी होती है। बहुजन पत्रकार अनिल यादव ने बच्ची से मिलने के बाद उसकी पारिवारिक स्थिति पर चिंता जताई और आर्थिक मदद की अपील की, ताकि उसे भविष्य में ऐसी मजबूरी न झेलनी पड़े।
सोशल मीडिया पर लोग अनन्या के साहस की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा, “गरीबों के घर उजड़ सकते हैं, लेकिन उनके सपने कोई नहीं मिटा सकता।” इस घटना ने सिस्टम पर भी सवाल उठाए हैं कि क्या गरीबों के बच्चों के भविष्य की ऐसी कीमत चुकानी चाहिए। अनन्या की यह कहानी अब प्रेरणा बन गई है, जो हौसले और शिक्षा के महत्व को रेखांकित करती है।