पाकिस्तान दिवस पर जरदारी का भाषण बना मजाक: जुबान लड़खड़ाई, शब्द पढ़ना हुआ मुश्किल!

इस्लामाबाद, 25 मार्च 2025: पाकिस्तान में 23 मार्च को मनाए गए पाकिस्तान दिवस के मौके पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का भाषण चर्चा का विषय बन गया। संसद के दोनों सदनों और सैन्य परेड को संबोधित करते हुए जरदारी की जुबान बार-बार लड़खड़ाई, जिससे उनका एक-एक शब्द पढ़ना मुश्किल हो गया। वायरल वीडियो में साफ दिखा कि वह अपनी स्पीच को ठीक से पढ़ नहीं पा रहे थे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनका जमकर मजाक उड़ा।

जरदारी ने “कोशिश की जा रही है” को “खुशी की चाह रही है” और “बेशुमार कुर्बानी” को “समर कुर्बानी” कहकर भ्रम की स्थिति पैदा की। कई बार ऐसा लगा कि वह खड़े होने में भी असहज थे। इस घटना पर भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति पूरे देश का प्रतिनिधि होता है। उनकी यह हालत देखकर दुख हुआ। उनका मजाक हर पाकिस्तानी का मजाक है।” बासित ने सवाल उठाया कि अगर जरदारी बीमार थे, तो उन्हें भाषण के लिए क्यों बुलाया गया।

पाकिस्तान डे, जो 1940 के लाहौर प्रस्ताव और 1956 में पहले संविधान की याद में मनाया जाता है, इस बार जरदारी के इस कन्फ्यूजन भरे भाषण की वजह से सुर्खियों में रहा। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मीम्स बनाकर और टिप्पणियों के जरिए उनकी सेहत और तैयारी पर सवाल उठाए। इस घटना ने देश की राजनीति में भी बहस छेड़ दी है कि क्या जरदारी इस पद को संभालने के लिए पूरी तरह फिट हैं।

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