श्रमिक सम्मान यात्रा पिंडवाड़ा पहुंची, मजदूरों के अधिकारों को लेकर हुआ सम्मेलन
पिंडवाड़ा (राजस्थान), 28 फरवरी 2025 – देशभर में मजदूरों के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा की मांग को लेकर निकाली जा रही श्रमिक सम्मान यात्रा आज सिरोही जिले के पिंडवाड़ा पहुंची। यहां पत्थर घड़ाई मजदूर सुरक्षा संघ द्वारा यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकार से उनकी समस्याओं का समाधान करवाना है।
संघ के अध्यक्ष सोहनलाल ने बताया कि श्रमिकों के अधिकारों और जागरूकता को लेकर 24 जनवरी से 25 फरवरी तक वर्जिन पीपुल कोलेजन के बैनर तले यह यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा दो अलग-अलग मार्गों से शुरू हुई— पहला कन्याकुमारी से दिल्ली और दूसरा पश्चिम बंगाल से दिल्ली। इस यात्रा में देशभर के श्रमिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं।
यात्रा से जुड़े भंवरलाल ने बताया कि मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण मांगे सरकार के समक्ष रखी गई हैं। इनमें ₹26,000 न्यूनतम मासिक वेतन, कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था लागू करना, महिलाओं के लिए POSH कमेटी बनाना, प्रवासी मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना, स्ट्रीट वेंडर्स को उचित व्यवसायिक स्थान, गिग वर्कर्स के लिए बने कानून को प्रभावी रूप से लागू करना और जनजातीय समुदाय को प्राकृतिक संसाधनों के अधिकार दिए जाने जैसी मांगे शामिल हैं।
पिंडवाड़ा में पेंशनर्स भवन में श्रमिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें 300 से अधिक मजदूरों ने भाग लिया। इस दौरान संघ के सचिव मदनलाल ने चिंता जताई कि सिलिकोसिस बीमारी पत्थर घड़ाई मजदूरों में तेजी से फैल रही है, जिससे युवा श्रमिकों की असमय मृत्यु हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा उपाय लागू नहीं कर रही और बीमार मजदूरों को सिलिकोसिस प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे, जिससे वे मुआवजे और पुनर्वास योजनाओं से वंचित हैं। इससे प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
भाखर भीतरोड़ आदिवासी विकास मंच के लखमाराम ने बताया कि पहले पत्थर घड़ाई मजदूरों के विवाह में कोई समस्या नहीं थी, लेकिन सिलिकोसिस से असमय मौतों के कारण अब समाज में उनके विवाह नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से कार्यस्थल पर सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की ताकि मजदूरों को इस घातक बीमारी से बचाया जा सके।
सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णावतार शर्मा ने कहा कि मजदूरों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होना होगा और सरकार पर दबाव बनाना होगा। उन्होंने बताया कि यह यात्रा दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्रियों को मजदूरों की समस्याओं से अवगत कराएगी और उनके सम्मान की स्थापना के लिए संघर्ष करेगी।
यात्रा के संयोजक विपुल पांड्या ने दिवंगत सिलिकोसिस पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “हम उनकी आवाज़ को दिल्ली तक ले जाएंगे और उनकी न्यायपूर्ण मांगें मनवाकर ही लौटेंगे। यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” उन्होंने कहा कि देश में 40 करोड़ असंगठित मजदूर हैं, जो अपने जीवन की हर सांस के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सम्मेलन के अंत में प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी, पिंडवाड़ा को ज्ञापन सौंपने के लिए एक रैली निकाली गई। इस रैली में श्रमिकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की। श्रमिक सम्मान यात्रा केवल मजदूरों की आवाज़ नहीं, बल्कि उनके हक और न्याय की लड़ाई है। यह यात्रा दिल्ली तक पहुंचेगी और मजदूरों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की गूंज सरकार तक पहुंचाएगी।
– हितेश वैष्णव , पत्रकार