बाणगंगा नदी में जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार करेगी चरणबद्ध कार्य – जल संसाधन मंत्री
जयपुर, 28 फरवरी 2025 – जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि बाणगंगा नदी में जल उपलब्धता को बढ़ाने के लिए सरकार चरणबद्ध रूप से कार्य करेगी। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि नदी में पानी लाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से बाणगंगा नदी को मिलेगा जल
मंत्री ने बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना के तहत बाणगंगा एवं रूपारेल बेसिन में जल आपूर्ति के लिए आगामी 2025-26 के बजट में ‘राणा प्रताप सागर बांध-ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर बांध में जल अपवर्तन लिंक’ पर कार्य किया जाएगा। इसके बाद बीसलपुर बांध से बाणगंगा एवं रूपारेल नदी को जोड़े जाने की प्रक्रिया को भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
रामगढ़ बांध को मिलेगा पेयजल, अन्य जलाशयों को भी मिलेगा लाभ
विधायक राजेंद्र द्वारा पूछे गए मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में जल संसाधन मंत्री ने बताया कि संशोधित पीकेसी लिंक योजना के तहत रामगढ़ बांध में पेयजल हेतु जल भरा जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत उन वृहद और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं एवं बांधों को जल आपूर्ति दी जाएगी, जहां लंबे समय से जल की आवक नहीं हो रही है। साथ ही, राज्य में निर्मित मुख्य नहर तंत्र के माध्यम से अन्य बांधों और तालाबों में भी जल भरने का प्रावधान रखा गया है।
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को पीकेसी लिंक परियोजना से जोड़ा गया
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के साथ एकीकृत कर दिया गया है। नदी जोड़ो परियोजना के तहत गठित विशेष समिति ने 13 दिसंबर 2022 को अपनी 20वीं बैठक में इसे राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना में शामिल किया।
राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच हुआ एमओए हस्तांतरण
परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार, राजस्थान सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के बीच 17 दिसंबर 2024 को एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि इस परियोजना की डीपीआर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA) द्वारा तैयार की जा रही है, जो अंतिम चरण में है। डीपीआर को अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद केंद्रीय जल आयोग से अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा।
बाणगंगा और रूपारेल नदी में जल अपवर्तन की प्रक्रिया होगी तेज
उन्होंने कहा कि राणा प्रताप सागर बांध-ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर बांध, बाणगंगा और रूपारेल नदी में जल अपवर्तन के लिए डीपीआर तैयार होने के बाद इसे केंद्र सरकार के समक्ष स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जल प्रबंधन को लेकर गंभीर है और इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।