मुख्य सचिव ने ‘राइजिंग राजस्थान’ समिट के एमओयू कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक की
- मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रमुख जिलों में भूमि बैंक विकसित करने के निर्देश दिए
जयपुर– मुख्य सचिव सुधांश पंत ने गुरुवार को ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के दौरान हस्ताक्षरित एमओयू के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक की। उन्होंने पिछले पखवाड़े की बैठक (13 फरवरी) के बाद हुई प्रगति पर संतोष जताया और अधिकारियों को सरकारी भूमि का डाटा तैयार कर ऑनलाइन भूमि बैंक बनाने के निर्देश दिए, जिससे निवेशकों को सुगमता हो।
मुख्य सचिव ने रीको (RIICO) द्वारा भूमि बैंक विकसित करने और निवेशकों को शीघ्र भूमि आवंटन की प्रक्रिया की सराहना की। साथ ही राजस्व, यूडीएच और एलएसजी जैसे भूमि आवंटन करने वाले अन्य विभागों को भी अलग-अलग ऑनलाइन भूमि बैंक बनाने के तरीकों पर कार्य करने के निर्देश दिए।
प्रमुख जिलों में भूमि बैंक बनाने पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने उन जिलों में भूमि बैंक विकसित करने को प्राथमिकता देने को कहा, जहां एमओयू की उच्च संख्या है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि रीको का डायरेक्ट लैंड अलॉटमेंट पोर्टल (DLAP) लॉन्च होने से पहले शेष निवेशकों के लिए भूमि आवंटन से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाए।
बड़े सोलर पार्क विकसित करने की संभावनाओं पर विचार
मुख्य सचिव ने ऊर्जा क्षेत्र में हुए बड़े निवेश को ध्यान में रखते हुए राज्य में बड़े सोलर पार्क विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ये सोलर पार्क कई एकड़ में फैले होंगे और ऊर्जा कंपनियों को भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल और तेज़ बनाएंगे।
उन्होंने कहा, “उद्योग स्थापित करने में भूमि आवंटन एक महत्वपूर्ण चरण होता है। इसलिए, जिन विभागों के पास बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि है, उन्हें इसे ऑनलाइन उपलब्ध कराने पर काम करना चाहिए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़े। साथ ही, एमओयू कार्यान्वयन को गति देने के लिए ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों के लिए विशेष रूप से सोलर पार्क विकसित करने पर विचार किया जाना चाहिए।”
साप्ताहिक समीक्षा और एमओयू पोर्टल पर अपडेट अनिवार्य
मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को एमओयू कार्यान्वयन की साप्ताहिक समीक्षा करने और इसकी प्रगति से जुड़ी जानकारी एमओयू इम्प्लीमेंटेशन पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि 9-11 दिसंबर 2024 को आयोजित इन्वेस्टमेंट समिट में सरकार ने 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें से 1.66 लाख करोड़ रुपये के एमओयू का कार्यान्वयन रिकॉर्ड दो महीने की अवधि में शुरू किया गया, जो कुल हस्ताक्षरित राशि का लगभग 5 प्रतिशत है।
इस बैठक में प्रधान सचिव (उद्योग एवं वाणिज्य) अजीताभ शर्मा, प्रधान सचिव (राजस्व) दिनेश कुमार, प्रधान सचिव (एलएसजी) राजेश यादव, प्रधान सचिव (यूडीएच) वैभव गालरिया, प्रधान सचिव (खनन) टी. रविकांत, रीको एमडी शिवांगी स्वर्णकर, बीआईपी के अतिरिक्त आयुक्त सौरभ स्वामी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे