हाथरस भगदड़: हरि भोले बाबा के सत्संग में मची अफरा-तफरी, सौ से अधिक की मौत, बाबा फरार
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में मंगलवार को आयोजित सत्संग के दौरान मची भगदड़ में सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इस दुखद हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हादसे के बाद से कथावाचक साकार विश्व हरि भोले बाबा फरार हैं और अभी तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिली है।
हाथरस के डीएम आशीष कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, अब तक सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति एसडीएम द्वारा दी गई थी और यह एक निजी आयोजन था।
सिकंदराराऊ ट्रामा सेंटर की स्थिति
घायलों को सिकंदराराऊ ट्रामा सेंटर पर पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय पत्रकार धर्मेंद्र चौधरी ने ट्रामा सेंटर से कुछ वीडियो भेजे हैं जिनमें परिजन आक्रोश जताते साफ़ देखे जा सकते हैं। ट्रामा सेंटर पर मौजूद पीड़ितों के एक परिजन ने कहा, “इतना बड़ा हादसा हो गया है लेकिन एक भी सीनियर अधिकारी यहां मौजूद नहीं है। भोले बाबा को किसने यहां इतना बड़ा कार्यक्रम करने की परमिशन दी थी। प्रशासन कहां है?”
घायलों और मृतकों को ट्रॉमा सेंटर पर ट्रकों, टैंपो और एंबुलेंस में लाया गया। वीडियो में ट्रामा सेंटर के बाहर महिलाओं के शवों को फ़र्श पर लिटाये हुए देखा जा सकता है। ट्रामा सेंटर के बाहर अफ़रातफ़री का माहौल है और लोग अपने प्रियजनों की तलाश में वहां पहुंच रहे हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
डीएम आशीष कुमार ने कहा, “समागम के दौरान जब बहुत ज्यादा उमस होने लगी तो लोग वहां से निकलने लगे। उसी समय हादसा हुआ। घटना की जांच के लिए उच्च अधिकारियों की एक जांच कमेटी बनाई गई है। इस आयोजन की इजाजत एसडीएम ने दी थी। ये एक प्राइवेट आयोजन था। कानून-व्यवस्था के लिए प्रशासन की ड्यूटी लगाई थी, जबकि भीतर की व्यवस्था आयोजकों की ओर से की जानी थी। हादसे की असली वजह क्या है ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन फिलहाल प्रशासन का फोकस ये है कि जो लोग घायल हैं उन्हें जल्दी इलाज मिले।”
कौन है हरि भोले बाबा
कथावाचक बाबा साकार विश्व हरि भोले बाबा, जिनका असली नाम सूरज पाल है, 17 साल पहले पुलिस कांस्टेबल की नौकरी छोड़कर सत्संग करने लगे थे। बाबा ने पटियाली में अपना आश्रम बनाया और गरीब और वंचित तबके के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गए। उनके उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में लाखों अनुयायी हैं। बाबा भोले अक्सर सूट में मंच पर आते हैं और उनके अनुयायी मीडिया से दूरी बनाए रखते हैं।
नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ से कई श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। सभी शोकाकुल परिजनों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं। सरकार और प्रशासन से अनुरोध है कि घायलों को हर संभव उपचार एवं पीड़ित परिवारों को राहत उपलब्ध कराएं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर कहा, “अभी-अभी मुझे यूपी के हाथरस में दुखद खबर की सूचना मिली है – मैं इस पर दुख प्रकट करता हूँ – राज्य सरकार सभी की हर संभव मदद कर रही है।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है। उन्होंने मौके पर दो मंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजा है। सीएम योगी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “जनपद हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के युद्ध स्तर पर संचालन और घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए हैं।”
जांच और आगे की कार्रवाई
घटना के कारणों की जांच के लिए एडीजी आगरा और अलीगढ़ कमिश्नर की एक टीम गठित की गई है। प्रशासनिक विफलता के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।