पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत आवेदन-पत्र आमन्त्रित
बारां, 22 दिसंबर। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबन्धक रविन्द्र वर्मा ने बताया कि देश के हस्तशिल्पियों एवं पारंपरिक कारीगरों को उनके उत्पादों एवं सेवाओं को बढ़ाने में शुरू से अंत तक समग्र रूप से सहायता प्रदान करने एवं उनके तकनीकी कौशल का उन्नयन करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना दिनांक 17 सितम्बर 2023 से प्रारम्भ की गई है। इस योजना के तहत बढई, नाव निर्माता, शस्त्रसाज, लुहार, हथौड़ा व टूलकिट निर्माता, ताला निर्माता, मूर्तिकार, सुनार, कुम्हार, चर्मकार, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई, झाडू निर्माता, खिलौना निर्माता, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, मछली पकडने का जाल निर्माता संबंधी 18 व्यवसायों के हस्तशिल्पियो एवं कारीगरों को इस योजना के अन्तर्गत लाभ दिया जाएगा।
महाप्रबन्धक रविन्द्र वर्मा ने बताया कि योजना के अंतर्गत हस्तशिल्पियों को प्रमाण पत्र एवं आईडी के माध्यम से विश्वकर्मा के रूप में पहचान प्रदान की जाएगी एवं इन्हें कौशल सत्यापन के बाद बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही इच्छुक उम्मीदवार 15 दिन के उन्नत प्रशिक्षण के लिए नामांकन कर सकते है। इन हस्तशिल्पियों को टूलकिट प्रोत्साहन के लिए 15 हजार रूपए का अनुदान एवं 3 लाख रूपए का कोलेटरल मुक्त उद्यम विकास ऋण प्रदान किया जाएगा। जिसमें पहली किस्त के रूप में 1 लाख रूपए 18 महीने के पुनर्भुगतान के लिए एवं 2 लाख रूपए 30 महीने के पुनर्भुगतान के लिए दूसरी किस्त के रूप में 5 प्रतिशत निर्धारित रियायती दर पर प्रदान किया जाएगा। योजनान्तर्गत क्रेडिट गारंटी शुल्क भारत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। साथ ही विपणन सहायता हेतु राष्ट्रीय विपनण समिति गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग एवं प्रचार जैसी सेवाएं प्रदान करेगी। एक परिवार से एक ही सदस्य को योजना का लाभ दिया जाएगा। लाभार्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए, जो कि पिछले पांच वर्षों में केन्द्र व राज्य सरकार की किसी भी ऋण योजना में लाभान्वित नहीं होना चाहिए। इच्छुक हस्तशिल्प एवं कारीगर जो इस योजना का लाभ उठाना चाहते है वे पीएम विश्वकर्मा पंजीकरण पोर्टल www.pmvishwakarma.gov.