भक्ति और साहित्य के पर्व के रूप में सरयूपारीण ब्राह्मण समाज ने मनाई तुलसीदास जयंती

जयपुर | गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर भक्ति और साहित्य के पर्व का आयोजन किया गया, जिसमें सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने उनके योगदान की महत्वपूर्ण यादों को ताजगी दी। इस अद्वितीय कार्यक्रम में संचालकों ने सुन्दरकाण्ड का पाठ किया और गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन पर चर्चा की।

कृष्ण विहार हनुमान मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के विचारशील सदस्यों ने गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर किया। संचालक डॉ जयनारायण शुक्ल ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उनके योगदान से आजके भटके युवा वर्ग को सही मार्ग पर लाने का संदेश मिलता है। समाज के अध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी ने मानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से बताया कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने कैसे अपनी रचनाओं के माध्यम से मानवता को जीवन जीने की कला सिखाई। उन्होंने 12 पुस्तकों की रचना की, लेकिन सबसे अधिक ख्याति उनकी रचना ‘रामचरित मानस’ को मिली। कार्यक्रम में पधारे देवरिया के विधायक डॉ शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा, “गोस्वामी तुलसीदास ने ‘रामचरित मानस’ के माध्यम से भगवान श्रीराम के महान योगदान को आम जनता के बीच लाया। उनके द्वारा दिखाए गए मार्गदर्शन से हम सभी को सही दिशा में चलने की प्रेरणा मिलती है।”

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गोस्वामी तुलसीदास जी के काव्य के महत्वपूर्ण अंशों को समझाया और उनके संदेश को आजकी पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण बताया। सभी ने इस महत्वपूर्ण समारोह में भाग लेकर गोस्वामी तुलसीदास जी के योगदान की महत्वपूर्णता को समझाने का प्रयास किया। कार्यक्रम के समाज द्वारा वरिष्ठजन को स्मृति चिन्ह, रामचरित्र मानस और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।

यह भी देखें  युक्ति नवाचार चुनौतियां- 2023 विषय पर सेमिनार का हुआ आयोजन

इस कार्यक्रम में सुरेन्द्र चौबे, ए के पाण्डेय, एस डी मिश्रा, एडवोकेट रवि त्रिपाठी, विजय पाण्डेय, तुंगनाथ त्रिपाठी एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

About Author

Leave a Reply

error: Content is protected !!