भीषण गर्मी मे बिना किसी कार्य योजना के गोबिंद सरोवर से निकाला जा रहा पानी

  • भीषण गर्मी मे गोबिंद सरोवर से निकाला जा रहा पानी,भूजल स्तर गिरा
  • बिना कार्य योजना के तालाब का पानी निकाले जाने से ग्रामीणों में आक्रोश

अंजली श्रीवास्तव,मीरजापुर: क्षेत्र के बैकुण्ठपुर ग्राम स्थित तालाब के पानी को बिना किसी कार्य योजना के निकाले जाने से ग्रामीणों मे रोष ब्याप्त हो गया है।भीषण गर्मी में अदूरदर्शिता के चलते बैकुंठपुर का भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है। ग्रामीणों ने बिना किसी कार्य योजना के तालाब से पानी निकाले जाने की जांच के साथ तालाब में पानी भराये जाने की मांग किया है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि बैकुण्ठपुर के मध्य स्थित अति प्राचीन तालाब जो गोविंद सरोवर के नाम से जाना जाता है।इस तालाब मे पानी इकट्ठा होने का एक मात्र साधन ट्यूबवेल था, जो अब बंद हो गया है।अब केवल आस पास के खेतों से बरसात का पानी से जल भराव सम्भव है।लेकिन तालाब मे पानी भरने के पुलिया ,नाला को पाट दिया गया है। अब स्थिति यह है कि तालाब मे पानी आने का कोई और रास्ता नही बचा है । ग्रामीण संजय ,संतोष कुमार ,विजयकुमार,दिनेश,अशोक कुमार,राजेश का आरोप है कि अगर गोबिंद सरोवर मे पानी आने का काई रास्ता नही बचा था तो इस तालाब को भीषण गर्मी मे क्यो खाली किया गया ।

ज्ञात हो बैकुंठपुर स्थित इस तालाब मे हर वक्त पानी भरा रहता था जिससे पास का वातावरण काफी ठंडा बना रहता था।पास ही शिव मंदिर पर रुक कर लोग तपिश मे राहत महसूस किया करते थे। बैकुण्ठपुर के नये सेकेट्री ने अभी चार्ज लिया है। पूर्व सेकेट्री अर्चना सिह ने बताया कि गर्मी मे तालाब के जल निकासी की कोई योजना नही थी,ग्राम प्रधान मनमानी कर रहे है ।गर्मी मे पशु पक्षियों के लिए तालाब मुख्य साधन होता है। ग्रामीणों ने भीषण गर्मी मे तालाब का पानी निकाले जाने का जांच कर कार्यवाही करने के साथ तालाब मे जल भराये जाने कि मांग प्रशासन से किया है।

यह भी देखें  माउंट आबू में जमने लगी बर्फ: 15 साल बाद नवंबर में शून्य से नीचे पारा, वाहनों और फसलों पर चादर बिछी, पर्यटकों का रोमांच बढ़ा

About Author

Leave a Reply



🐄 गौ सेवा, प्रभु सेवा 🐄
जय श्री कृष्ण! जय गौमाता! 🙏

साथियों,
VMW TEAM FOUNDATION का यह अटूट संकल्प है कि हर महीने के अंतिम रविवार को हम अपनी गौमाताओं की सेवा के लिए एकत्रित हों। इसी कड़ी में, इस रविवार को हम गौशाला में हरे चारे की विशेष व्यवस्था कर रहे हैं।
गाय हमारी संस्कृति और आस्था का केंद्र है। उनकी सेवा से मिलने वाला संतोष और पुण्य अतुलनीय है।
🚩हम आप सभी धर्मप्रेमियों से तन, मन और धन से सहयोग की अपील करते हैं। आप अपनी सामर्थ्य अनुसार इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें*

आइए, मिलकर पुण्य के इस कार्य को सफल बनाएं।

You may have missed

error: Content is protected !!