माउंट आबू में जमने लगी बर्फ: 15 साल बाद नवंबर में शून्य से नीचे पारा, वाहनों और फसलों पर चादर बिछी, पर्यटकों का रोमांच बढ़ा

माउंट आबू/सिरोही, 20 नवंबर 2025 (द न्यूजवाला): राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू इस बार सर्दी के असामान्य रूप से ठिठुर रहा है। लगातार चौथे दिन न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पर अटक गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में माइनस 1 से 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। नतीजा, सुबह-सुबह नक्की झील, गुरु शिखर और आसपास के इलाकों में हल्की बर्फबारी जैसा नजारा दिखाई दिया। वाहनों की छतों, सोलर पैनलों, फसलों और पेड़-पौधों पर ओस की बूंदें जमकर सफेद चादर में बदल गईं। मौसम विभाग के अनुसार, बीते 15 वर्षों में नवंबर माह में ऐसा रिकॉर्ड पहली बार बना है, जो जलवायु परिवर्तन के असर को दर्शाता है।

माउंट आबू में सुबह के समय बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में कैद कर लिया। स्थानीय निवासी अलाव जलाकर ठंड से बच रहे हैं, जबकि सड़कों पर हल्का कोहरा छाया हुआ है। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “रातभर ठंड इतनी तेज थी कि खिड़कियां जम गईं। सुबह उठे तो कार पर बर्फ की परत चढ़ी हुई थी।” मौसम विभाग के रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि 17 नवंबर से ही तापमान में तेज गिरावट शुरू हुई, जब पारा शून्य पर पहुंचा। गुरु शिखर क्षेत्र में तो माइनस 2 डिग्री तक नीचे चला गया, जिससे हल्की बर्फ जमी। यह मौसम दक्षिणी राजस्थान के चार जिलों – सिरोही, उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा – में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी कराने का कारण बना।

इस असामान्य ठंड का असर न केवल स्थानीय जीवन पर पड़ा है, बल्कि पर्यटन को भी नई जान फूंक दी है। नवंबर में ही बर्फीला नजारा देखने को उत्सुक सैलानी माउंट आबू उमड़ रहे हैं। होटल और रिसॉर्ट्स में बुकिंग फुल हो चुकी है, और पर्यटक गर्म कपड़ों में लिपटे नक्की झील के किनारे सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। एक पर्यटक परिवार ने कहा, “दिल्ली की गर्मी से तंग आकर आए थे, लेकिन यह तो बोनस है। बर्फबारी का मजा ले रहे हैं, जैसे कश्मीर आ गए हों।” हालांकि, प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए सड़कों की सफाई और हीटर की व्यवस्था की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ठंड वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से आई है, जो जम्मू-कश्मीर की बर्फबारी का असर राजस्थान तक ले आया।

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राजस्थान के अन्य हिस्सों में भी ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। फतेहपुर सबसे ठंडा स्थान बना, जहां तापमान 4.9 डिग्री पर रुका। सीकर में 5.5, नागौर 5.6, दौसा 6.7 और चूरू 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अजमेर, झुंझुनू, कोटा, सीकर और टोंक में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में तापमान में और गिरावट की संभावना है, लेकिन दक्षिणी राजस्थान में हल्की राहत मिल सकती है। किसानों को फसलों को पाले से बचाने की सलाह दी गई है, जबकि वाहन चालकों को सुबह की यात्रा में सावधानी बरतने को कहा गया।

यह असामान्य मौसम राजस्थान की जलवायु को बदलने का संकेत दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण सर्दियां अनियमित हो रही हैं, और नवंबर में ही बर्फ जमना चिंता का विषय है। फिर भी, माउंट आबू की यह बर्फीली सुंदरता पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। यदि आप भी इस अनोखे नजारे का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो गर्म कपड़ों के साथ निकल पड़ें।

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