बागेश्वर धाम सरकार पर हंगामा क्यों है बरपा?
- मैं किसी से नहीं डरता, मौलवी-पादरी पर क्यों नहीं सवाल, हिंदू होने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है – पंडित धीरेंद्र शास्त्री
एम के पाण्डेय निल्को, जयपुर | सोशल मीडिया पर कई दिनों से बागेश्वर धाम सरकार को लेकर कई बातें कही जा रही हैं। बागेश्वर धाम के कथा वाचक पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों सुर्खियों में हैं। महाराष्ट्र की अंध श्रद्धा उन्मूलन समिति के श्याम मानव ने बागेश्वर धाम सरकार से प्रसिद्ध कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री पर ये आरोप लगाया है कि वो देश में अंधविश्वास फैलाने का काम कर रहे हैं। उनके पास सिद्धी नहीं है बल्कि वो लोगों की भावनाओं के साथ खेल रहे हैं। पूरे विवाद को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, आदिकाल से भगवान राम को लोगों ने नहीं छोड़ा। ये भारत देश वो देश है, जहां भगवान राम से उनके होने के लिए सबूत मांगा गया। अयोध्या के लिए सबूत मांगा गया। हम तो आम इंसान हैं, हमें कब छोड़ेंगे।
क्या है बागेश्वर धाम : छतरपुर के पास गढ़ा में बागेश्वर धाम है जहां पर बालाजी हनुमानजी का मंदिर है। हनुमानी के मंदिर के सामने ही महादेवजी का मंदिर है। मंदिर के पास ही उनके दादाजी का समाधी स्थल और उनके गुरुजी का समाधी स्थल है। यहां पर मंगलवार को अर्जी लगती है। अर्जी लगाने के लिए लोग लाल कपड़े में नारियल बांधकर अपनी मनोकामना बोलकर उस नारियल को यहां एक स्थान पर बांध देते हैं और मंदिर की राम नाम जाप करते हुए 21 परिक्रमा लगाते हैं। यहां पर लाखों की संख्या में नारियल बंधे हुए मिल जाएंगे। मंदिर के पास ही गुरुजी का दरबार लगता है जहां पर लाखों की संख्या में लोग आते हैं।