देवरहा बाबा देश की राजनीति के चमत्कारी बाबा
कमलेश शर्मा , जयपुर। वैसे तो लोगों के जीवन में कई गुरु अपना अपना अहम स्थान रखते हैं, लेकिन बात जब राजनीतिक गुरु की हो और उसके चमत्कारी आशीर्वाद की तो उतर प्रदेश के देवरहा बाबा का नाम प्रमुखता के साथ आता है. माना जाता है कि 1977 में जब इंदिरा गांधी चुनाव हार गई थीं, तब वे देवरहा बाबा से आशीर्वाद लेने गई थीं। बाबा ने उन्हें हाथ उठाकर पंजे से आशीर्वाद दिया था।यही वजह थी कि जब इंदिरा ने चुनाव लड़ा तो उन्होंने कांग्रेस का निशान पंजा ही तय किया था। साल 1980 में हुए चुनावों में इंदिरा गांधी को शानदार जीत मिली और एक बार फिर उनकी सत्ता में वापसी हुई थी। इसके अलावा कई अन्य मौकों पर भी इंदिरा गांधी को देवरहा बाबा के साथ देखा गया था।तो वही दूसरी ओर 1986 में अटल जी खोया हुआ जनसमर्थन हासिल करने के उद्देश्य से पूर्वांचल के दौरे पर निकले थे। वह इससे पहले भी देवरिया आते रहते थे और अक्सर देवरहा बाबा का आशीर्वाद लेते थे। उन दिनों भी वह यहां आए और देवरहा बाबा का आशीर्वाद लिया। इसके बाद पार्टी की स्थिति मजबूत हुई और आगे चलकर अटल जी देश के प्रधानमंत्री तक बने। कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह भी अपनी लगातार जीत का पूरा श्रेय बाबा के आशीर्वाद को ही देते हैं.
आपको बता दे कि देवरहा बाबा का जन्म देवरिया में हुआ था। उन्होंने 19 जून 1990 को शरीर छोड़ दिया था। उनके अनुयायी मानते हैं कि वह करीब 500 साल तक जिंदा थे और उनमें कई चमत्कारी शक्तियां भी थीं। कहा जाता है कि देवरहा बाबा ने कभी किसी गाड़ी से सफर नहीं किया था और उनके मचान पर कोई प्रसाद नहीं होने के बाद भी वह लोगों को अपने हाथ से प्रसाद दे दिया करते थे। मनुष्य के अलावा वह जानवरों और पक्षियों की भाषा को भी समझते थे।