एक के बाद एक भष्ट्राचार के आरोप फिर भी “एक साल बेमिसाल”
- पानी के नाम पर पाइपलाइन, विकास के नाम पर घोटालों में निकला एक साल…..
- ” एक साल बेमिसाल ” जनता को बताने के लिए लगाना पडा़ शहर के चप्पे चप्पे पर पोस्टर……
- एक साल में पांच गाडियों पर लिखा चैयरमेन तो ऐसे में भष्ट्राचार के आखन में डूबा एक साल – रामलाल शर्मा
कमलेश शर्मा, जयपुर । चप्पे चप्पे पर है गहरे गढ्ढे चल रहे मुसाफिर संभलकर, तो चारो ओर मचा पानी का हाहाकार है.. और एक साल में लगी भष्ट्राचारो की झड़ी ,फिर भी नेताजी का कार्यकाल बेमिसाल”… जी हाँ आज चौमू शहर की चर्चित नगरपालिका के चर्चे नेताजी के काम से नहीं शहर में लगे चप्पे चप्पे पर पोस्टर का कमाल है. आपको बता दे कि चौमू शहर को आज दुल्हन की तरह एक बार फिर सजा दिया गया है. इससे पहले भी नगरपालिका को दुल्हन की तरह सजाया गया था. उस समय हजारों आमजनों की आस ओर क्षेत्र के विकास को लेकर चुने गए नगरपालिका अध्यक्ष ने अपना पदभार संभाला था. सडक से लेकर पालिका तक बिछा रेड कार्पेट, फुलों की पंखुड़ियों से लदी क्यारियां गवाह बनी थी. लेकिन जनता की आस आज एक साल बाद निराशा में बदल गई. सता के मद में जनता के विरोध के बाद भी चंद चहेतों के घर पाइपलाइन पहुंचाने का काम इस कार्यकाल में किया गया, जिस बिसलपुर बांध से पानी लाने का वादा कर कांग्रेस ने बोर्ड बनाया वह वादा आज पालिका अध्यक्ष को याद तक नहीं है. महज एक साल में अपनी ही पार्टी के आधे दर्जन से ज्यादा पार्षदों का शहर के विकास के लिए विरोध जिस पालिका अध्यक्ष को झेलना पड जाए तो उस पालिका अध्यक्ष का एक साल कितना बेमिसाल हो सकता है यह सभी जानते हैं. लगभग 30 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के टेंडर जारी करने वाले इस नगरपालिका बोर्ड पर भष्ट्राचार के कई आरोप इस एक साल के कार्यकाल में लग चुके हैं, जिसके चलते नगरपालिका प्रशासन ने बोरिंग टेंडर सहित कई टेंडर को निरस्त कर खुद को और नेताजी को बचाने पर मजबूर होना पड़ा. तो कुछ टेंडर पर उच्च अधिकारियों ने सत्ता के डर से जांच के नाम की चादर ओढा दी.