जो आनन्द इस मन एवं कानों को प्राप्त हो रहा हो उस आनन्द को अपने मुख से नही बताया जा सकता- गौरंगी देवी गौरी जी

राजेश पाण्डेय, गोरखपुर | जब श्रीराम का आयोध्या में जन्म हुआ पुरी अयोध्या सजी हुई थी राजमहल में बधाइयां हो रही थी। सभी अयोध्या वासी खुशियां मना रहे थे लेकिन महाराज दशरथ के पास जब यह सूचना पहुंची कि आप को एक पुत्र-रत्न की प्राप्ति हुई है तो राजा दशरथ परम आनंद में चलें गये उक्त बातें प्रसिद्ध कथा वाचक गौरांगी देवी गौरी जी ने नगरपंचायत पीपीगंज के कोल्हुआ में श्रीश्री पूर्वांचल सिद्ध पीठ पर चल रहे शतचंडी महायज्ञ में उमड़े श्रद्धालु को रसपान कराते हुए कहीं उन्होंने ने कहा कि कल्पना करें कि किसी पांच साल या दस साल बाद किसी के घर बालक पैदा हो तो क्या आनन्द होगा। इसका वर्णन नहीं किया जा सकता उस समय अयोध्या की क्या स्थिति होगी राजा दशरथ अपना सबकुछ लुटा रहे थे रिषियो ने राजा दशरथ को चार पुत्र प्राप्ति की कामना की थी लेकिन एक पुत्र की प्राप्ति हुई तो राजा दशरथ को रिषियो की बात याद आई और सोचने लगे तभी राजमहल से दाशिया दौड़ी आई और बोली कैकेई ने एक संतान को जन्म दिया है। और सुमित्रा ने दो वालक को राजा दशरथ ‌को यह खबर सुनकर प्रसन्चीत होकर जिसने भी मुंह खोल कर मांगा सव‌ खजाना लुटाया ।

कार्यक्रम के आयोजक अरविंद मिश्रा मिंटू, अवधेश मिश्रा, महेंद्र मिश्रा, दिनेश मिश्रा, हरिवंश मिश्रा, विवेक मिश्रा, अनिल पांडेय, शिवदयाल पाठक जिला उपाध्यक्ष समाजवादी पार्टी संत कबीर नगर,विकास मिश्रा, पिंटू मिश्रा, समाजसेवी गज्जू वर्मा, राजा मिश्रा, रामप्रवेश सैनी, रमेश चौरसिया, संजय मिश्रा, दिनेश यादव सुभाष जायसवाल आदि लोग उपस्थित रहे।

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