आखिरकार कब थमेगी गोलियों की तड़तड़ाहट

  • पुलिस का इकबाल क्यो हो रहा कमजोर

देवरिया। दो वर्ष पूर्व जब जिले की कमान डॉ श्रीपति मिश्र के हाथों में आई तो हमने लिखा था- ,बन्द करो अपराध का ढाबा, आ गए हैं श्रीपति बाबा। ‘ वास्तव में क्राइम कंट्रोल करने में एसपी देवरिया कारगर साबित हुए। उन्होंने पुलिस की ढीली लगाम कसी। दिन बीतते गए, कोरोना काल मे भी कप्तान बहादुर ने बेहतर कार्य किया। प्रसंशा भी खूब हुई। इधर दो माह से लार ,सलेमपुर, मईल क्षेत्र में अपराध बढ़े हैं। लार व मईल ,सलेमपुर में जिनकी तैनाती कप्तान बहादुर ने की है उनके कार्यों की समीक्षा भी उन्होंने समय समय पर की। इन सब के बावजूद क्षेत्र बहुत अशांत हो चुका है। पुलिस लापरवाह है। कहीं कोई गश्त और पिकेट नहीं लगता। लगातार हो रहे वारदात से पुलिस की किरकिरी हो रही।
यूपी में दावे किए जा रहे कि भयमुक्त समाज है। धरातल पर हकीकत कुछ दूसरी है। लार थाना क्षेत्र में गोलियों की गूंज से लोग भयभीत हैं। 27 मई से 17 जून के बीच लार क्षेत्र में गोली चलने की तीन घटनाएं हुईं। खास बात यह कि ये सभी कांड सुतावर से लेकर उकीना के बीच हुए। अभी पुलिस दो गोलीकांडों में अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई की गुरुवार की देर शाम एक इलेक्ट्रनिक दुकानदार को गोली मार दी गयी। घायल दुकानदार को पहले सीएचसी लार, फिर जिला अस्पताल, फिर मेडिकल गोरखपुर और उसके बाद लखनऊ भेज दिया गया। क्षेत्र में दहशत औऱ भय का माहौल है। आईये लार, मईल की कुछ ताजा तरीन घटनाओं पर नजर डालते हैं-

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केस 1
घटना-27 मई की देर शाम चुरिया निवासी रोहित सिंह की चेन छीनी गयी और उकीना ईंट भट्ठे के समीप और बदमाश हवा में गोली चलाते फरार हो गए।

केस 2
घटना 31 मई देर शाम। खेमादेई के अमित सिंह को सुतावर पेट्रोल पंप के समीप गोली मारी गयी। पुलिस ने इस मामले में एक को जेल भेज दिया।

केस 3
घटना 17 जून देर शाम। चनुकी मोड़ स्थित दुकानदार अमित मध्देशिया पुत्र सुशील मद्देशिया को खेमादेई थाना लार मोड़ के समीप गोली मारी गई।

केस 4
घटना 24 जून। मईल थाना से महज थोड़ी ही दूर पर लार थाना क्षेत्र के संजाव निवासी शम्भू जायसवाल की गोली मारकर हत्या।

केस 5
घटना 25 जून। सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के धनौती गांव निवासी लालू चौहान (40) अपने साले हरिओम निवासी छपरा खुर्द एकौना के साथ शुक्रवार की दोपहर में मईल के पड़री गजराज स्थित शराब की दुकान पर गए थे। एक बाइक पर चेहरा ढके तीन बदमाश पहुंचे।और सोने की चेन लूटकर गोली मार दी।

उक्त घटनाओं से लगता है कि तमंचे की गोलियां गुलेल की गोली बन गयी है। जब चाहे चला दिए। लगता है पुलिस का इकबाल समाप्त हो गया है। कहीं कोई डर नहीं, जब जी मे आया गोली चला दिया। अब तो लोग चर्चा करने लगे हैं कि लार और मईल के बीच कहीं कोई अपराध की नर्सरी तैयार की जा रही है। टिन एजर्स को ट्रेनिग दी जा रही।यदि ऐसा है तो समय रहते सचेत हो जाने की जरूरत है।

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