कोरोना की चपेट में आए वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ का निधन
लॉकडाउन के बावजूद कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाना मुश्किल होता चला जा रहा है। देश में कोरोना महामारी को लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत पूरा प्रशासन हरकत में है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मौतों को लेकर प्रशासन हतप्रभ है। दैनिक जागरण अख़बार के आगरा संस्करण के डिप्टी न्यूज एडिटर पंकज कुलश्रेष्ठ भी कोरोना महामारी के विरुद्ध हार गए। कोरोनावायरस पॉजिटिव होने के बाद उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। बताया जाता है कि कोरोना की चपेट में आए पंकज की हालत ज्यादा खराब होने पर बुधवार को उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और गुरुवार को उन्होने अपनी सांस त्याग दी । लोगो का यह भी कहना है कि हो सकता था कि यह वरिष्ठ पत्रकार कोरोना को हरा दे लेकिन आगरा के लापरवाह चिकित्सा और प्रशासकीय तंत्र ने मिलकर उन्हें परास्त हो जाने को मजबूर कर दिया। कोरोना टेस्ट करवाने के लिए ढेरों सोर्स और सिफ़ारिशों के बाद जाँच तो हो गई हुई किन्तु रिपोर्ट बहुत देर से आई। डॉक्टर जब तक इलाज़ का प्लान तैयार करते तब तक तो वायरस ने अपना काम दिखाना शुरू कर दिया था । एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने बताया कि पंकज को पहले से सांस की बीमारी थी ,कोरोना होने पर यह और बढ़ गई थी। सांस लेने में तकलीफ इतनी बढ़ी कि वेंटिलेटर पर रखना पड़ा पर कुछ भी काम नहीं आया ।
पंकज कुलश्रेष्ठ के निधन पर तमाम पत्रकारों, राजनीतिक संगठनों और गणमान्य लोगों ने शोक जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है। करीब 52 साल के पंकज कुलश्रेष्ठ दैनिक जागरण, मथुरा के जिला प्रभारी रह चुके थे और इन दिनों दैनिक जागरण, आगरा में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत थे।