प्रतापपुर चीनी मिल किसानों की मेहनत पर फेर रहा पानी

                                रिपोर्ट: डॉ एम के पाण्डेय

देवरिया। जिले में मात्र एक चीनी मिल बची है। चीनी के कटोरे कहे जाने वाले पूर्वांचल में कभी 14 चीनी मिलें थीं। देवरिया में एक मात्र चीनी मिल जो प्रतापपुर में है। यूपी-बिहार के बार्डर पर स्थित इस चीनी मिल को यूपी के देवरिया व बलिया तथा बिहार के गोपालगंज व सीवान जनपद के किसानों का गन्ना आवंटित है । खराब प्रबन्धन के चलते पिछले वर्ष का 20 करोड़ गन्ना मूल्य किसानों को अभी तक नहीं दिया जा सका है। देवरिया के जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह लगातार यह दावा कर रहे हैं कि गन्ना मूल्य भुगतान का प्रयास किया जा रहा है। उनके दावे में कोई दम नहीं है क्योकि आफिस से निकल कर कभी फिल्ड में गन्ना किसानों का दर्द भी उन्हें देखना चाहिए। जिले के लार विकास खण्ड के सरकड़ा में स्थित गन्ना तौल केंद्र का हाल बेहाल है। प्रतापपुर चीनी मिल के खराब प्रबन्धन के चलते एक सप्ताह से लगभग 80 ट्राली गन्ना तौल के अभाव में सूख रहा है। इस भीषण ठण्ड में गन्ना किसान तीन दिन से परेशान हैं। गन्ना तौल केंद्र के चौकीदार की लापरवाही से कई किसानों का गन्ना बोझ का बोझ गॉव के लोग उठा ले जा रहे हैं। तीन दिन से तौल न होने से गन्ना का वजन भी कम हो रहा है। गन्ना किसान अविनाश सिंह लार बौली, मुन्ना पाण्डेय जनुआ,अजय सिंह मंगरैचा, पप्पू सिंह, शैलेन्द्र सिंह, अजय सिंह आदि ने मौके पर पहुंचे रिपोर्टर से पीड़ा व्यक्त करते हुए कहे कि गन्ना चुराकर लोग क्रशर पर बेच तक रहे हैं। बहुत परेशानी है रात में इस भीषण ठण्ड में कितना रखवाली किया जाय। ट्रालियों के जाम के सम्बन्ध में जानकारी ली गयी तो पता चला कि उठान के सापेक्ष पर्चियां अधिक निकल गयी हैं इस लिए यह समस्या आई है।
इस सम्बन्ध में सरकड़ा स्थित गन्ना तौल केंद्र पर तैनात प्रतापपुर शुगर फैक्ट्री के काँटा क्लर्क राकेश यादव ने कहा कि दो दिन बरसात होने की वजह से ट्रक नहीं आ सके थे। बुधवार को तीन ट्रक गन्ना मिल पर भेजवाया गया है।

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