AIओमान के सोहर पोर्ट के पास तेल टैंकर पर हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता होने की सूचना है।
तेल टैंकर पर सवार 11 भारतीयों में नौ सुरक्षित, बड़कागांव के वीर बहादुर और हाटा के अमित का नहीं मिला सुराग; परिजनों ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
देवरिया/कुशीनगर। ओमान के सोहर पोर्ट के पास तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले ने पूर्वांचल के दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। हमले के बाद देवरिया जिले की बरहज तहसील के बड़कागांव निवासी वीर बहादुर यादव (26) और कुशीनगर जिले के हाटा नगर के गोपालपुर वार्ड निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ मुकुल (25) लापता बताए जा रहे हैं। दोनों युवकों के बारे में जानकारी नहीं मिलने से उनके परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है। घरों में मातम पसरा है और परिजन उनकी सुरक्षित वापसी की आस लगाए बैठे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, टैंकर पर चालक दल के 11 भारतीय सदस्य सवार थे। हमले के बाद नौ सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दो का पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि लापता नाविकों की तलाश में ओमान का तटरक्षक दल जुटा है। हालांकि, दोनों युवकों की मौजूदा स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
पांच महीने पहले विदेश गए थे वीर बहादुर

देवरिया जिले के बड़कागांव निवासी वीर बहादुर यादव स्वर्गीय रामसमुझ यादव के पुत्र हैं। वह मर्चेंट नेवी में काम करते थे। परिजनों के मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह करीब पांच महीने पहले नौकरी के लिए विदेश गए थे। पिता का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में वीर बहादुर ही परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे।
उनके लापता होने की सूचना मिलने के बाद से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां की आंखें बेटे की राह देख रही हैं। गांव के लोग भी परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं और वीर बहादुर की सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।
वीडियो कॉल के बाद मिली हमले की सूचना

उधर, कुशीनगर जिले के हाटा नगर स्थित गोपालपुर वार्ड निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ मुकुल दुबई की एसके इंजीनियरिंग शिपिंग एंड ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में क्रू मेंबर हैं। परिजनों के अनुसार, कंपनी का टैंकर एमटी पेट्रो डाल्फिन करीब 15 दिन पहले दुबई से ओमान के लिए रवाना हुआ था। सोहर पोर्ट पहुंचने के बाद टैंकर तीन दिनों तक खड़ा रहा और फिर उसके रखरखाव का काम शुरू हुआ।
बताया गया कि रविवार सुबह अमित ने वीडियो कॉल के जरिये अपने माता-पिता से बात की थी। बातचीत के दौरान उसने टैंकर के रखरखाव का काम जल्द पूरा होने और इसके बाद तेल लेने के लिए खाड़ी क्षेत्र में जाने की जानकारी दी थी। उसी दिन दोपहर करीब दो बजे कंपनी के कर्मचारी ने परिवार को फोन कर टैंकर पर ड्रोन हमले की सूचना दी। कर्मचारी ने बताया कि चालक दल के नौ सदस्यों को बचा लिया गया है, जबकि अमित समेत दो लोग लापता हैं।
इस सूचना के बाद परिवार में बेचैनी बढ़ गई। अमित ने 23 जनवरी 2026 को ही कंपनी में नौकरी शुरू की थी। वह परिवार के इकलौते पुत्र और अविवाहित हैं। उनके परिवार में पिता देवप्रकाश सिंह, मां पूनम और एक छोटी बहन है। पिता खेती-बाड़ी करते हैं। परिवार को अब अमित की सलामती की खबर मिलने का इंतजार है।
प्रशासन संपर्क में, सरकार से मदद की मांग
हाटा की तहसीलदार जया सिंह के अनुसार, प्रशासन अमित के परिवार के संपर्क में है और आवश्यक रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। दूसरी ओर, दोनों परिवारों और ग्रामीणों ने केंद्र सरकार तथा विदेश मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी अपील है कि लापता भारतीय नाविकों की तलाश तेज कराई जाए और उनके परिवारों को जल्द आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
देवरिया के बड़कागांव से लेकर कुशीनगर के हाटा तक, दोनों परिवारों की निगाहें अब एक ऐसी खबर पर टिकी हैं जो उन्हें राहत दे सके। परिजन और ग्रामीण यही दुआ कर रहे हैं कि दोनों युवक सुरक्षित मिलें और अपने घर लौट आएं।