देवरिया मेडिकल कॉलेज में जच्चा-बच्चा की मौत की होगी जांच, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

देवरिया मेडिकल कॉलेज में जच्चा-बच्चा की मौत, पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

पांच सदस्यीय कमेटी गठित, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर किया था हंगामा

देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में प्रसव के दौरान महिला और उसके नवजात की मौत के मामले में अब जांच की जाएगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने प्रकरण की पड़ताल के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी को तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

मामला शनिवार देर रात का है। सदर कोतवाली क्षेत्र के मलकौली निवासी राहुल गुप्ता की शादी पिछले वर्ष 22 नवंबर को मदनपुर थाना क्षेत्र के नवलपुर निवासी गुड़िया गुप्ता (22) से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, गुड़िया नौ माह की गर्भवती थी और पिछले कई दिनों से उसे प्रसव पीड़ा हो रही थी।

परिजनों का आरोप है कि प्रसव पीड़ा होने पर वे कई बार गुड़िया को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन हर बार उसे वापस भेज दिया गया। शनिवार को दोबारा प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। इस बार चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया। हालांकि, देर रात प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत हो गई।

दोहरी मौत से परिवार में मातम छा गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की। परिजनों के आरोपों के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच कराने का निर्णय लिया है।

तीन दिन में सौंपनी होगी रिपोर्ट

मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. एचके मिश्रा ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी की अध्यक्षता डॉ. प्रकाश कुमार को सौंपी गई है। इसके अलावा डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. अरुणेश, डॉ. ब्रजभूषण मल्ल और डॉ. माया सिंह को कमेटी में शामिल किया गया है।

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कमेटी को पूरे मामले की जांच कर तीन दिनों के भीतर प्राचार्य को रिपोर्ट सौंपनी है। जांच में इलाज के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।

फिलहाल, मेडिकल कॉलेज प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हैं। परिजनों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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