कानपुर में कोयला जलाकर सो रहे देवरिया के 4 दोस्तों की मौत

कानपुर, 20 नवंबर 2025 (द न्यूजवाला): उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एक दर्दनाक हादसा ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। पनकी थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ऑयल सीड्स कंपनी के एक बंद कमरे में चार मजदूर दोस्तों की दम घुटने से मौत हो गई। ठंड के प्रकोप से बचने के लिए उन्होंने तसले में कोयला जलाकर अंगीठी जलाई थी, लेकिन छोटे कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भर गई, जिससे चारों की जान चली गई। यह घटना सर्दियों में अंगीठी जलाने की लापरवाही पर एक कड़ा संदेश देती है, जहां हर साल दर्जनों ऐसी मौतें दर्ज की जाती हैं।

घटना बुधवार रात की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान अमित वर्मा (32, अयोध्या निवासी), संजू सिंह (22), राहुल सिंह (23) और दौड़ अंसारी (28) के रूप में हुई है। ये सभी देवरिया के तौकलपुर मुसहरी गांव के निवासी थे और कंपनी में मजदूरी करते थे। पुलिस के अनुसार, रात को खाना खाने के बाद चारों दोस्त कमरे में घुस गए और ठंड से बचने के लिए कोयले की अंगीठी जला ली। कमरा अंदर से बंद कर सो गए। सुबह गुरुवार को जब वे देर तक नहीं उठे, तो फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों और गार्ड ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर शक हुआ। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने पर चारों के शव पड़े मिले, जबकि कमरे में सुलगता कोयला और बुरादा बिखरा पड़ा था।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक रिपोर्ट में कार्बन मोनोऑक्साइड पॉइजनिंग को मौत का मुख्य कारण बताया गया है। जोइंट सीपी क्राइम समेत पनकी थाने की फोर्स ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। एसएसपी कानपुर ने बताया कि कमरे की हवा न आने-पाने से जहरीली गैस घुटन पैदा कर रही थी, जो छोटे स्पेस में घातक साबित हुई। कंपनी में हड़कंप मच गया, और मृतकों के परिवारों को सूचना दे दी गई। देवरिया से परिजन रवाना हो चुके हैं, जो इस खबर से स्तब्ध हैं।

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यह हादसा उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान बार-बार होने वाली घटनाओं की याद दिलाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कोयला या लकड़ी जलने पर अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है, जो बिना गंध वाली होने के कारण पता नहीं चलती। यह गैस सांस के जरिए शरीर में पहुंचकर ऑक्सीजन की जगह ले लेती है, जिससे दिमाग और अन्य अंगों को नुकसान होता है। दिल्ली, हरियाणा, यूपी और राजस्थान में हर साल 50 से अधिक ऐसी मौतें दर्ज होती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की है कि बंद कमरों में अंगीठी न जलाएं, दरवाजा-खिड़की खुली रखें और इलेक्ट्रिक हीटर का इस्तेमाल करें।

कानपुर प्रशासन ने इस घटना के बाद इंडस्ट्रियल एरिया में जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया है। मजदूर संघों ने मांग की है कि कंपनियों में सुरक्षित रहने की व्यवस्था हो, जैसे वेंटिलेशन सिस्टम और गैस डिटेक्टर। मृतकों के परिवारों को मुआवजे की घोषणा की उम्मीद है। यह दुखद घटना सर्दी के मौसम में सावधानी बरतने की याद दिलाती है, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

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