वाराणसी-शक्तिनगर SH5A मार्ग: भ्रष्टाचार से जर्जर हुई सड़क, मिर्ज़ापुर-सोनभद्र में हादसों का खतरा
- अभिजीत श्रीवास्तव, मिर्ज़ापुर
चुनार, मिर्ज़ापुर: उत्तर प्रदेश का प्रमुख राजमार्ग SH5A, जो वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के रूप में जाना जाता है और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को मिर्ज़ापुर और सोनभद्र से जोड़ता है, भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। हाल ही में निर्मित इस सड़क का नारायणपुर खंड अब जर्जर हालत में है, जहां जगह-जगह एक फीट तक गहरे गड्ढे यात्रियों के लिए खतरा बन रहे हैं। कुछ ही महीने पहले बनाई गई इस सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब है कि यह पहले से भी बदतर स्थिति में पहुंच चुकी है। यह मार्ग मिर्ज़ापुर और सोनभद्र के बड़े आबादी वाले क्षेत्रों को वाराणसी से जोड़ता है, और रोजाना हजारों वाहनों का आवागमन इस पर होता है। गड्ढों से भरी यह सड़क अब दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क की दयनीय स्थिति ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। गड्ढों के कारण वाहनों को धीमी गति से चलाना पड़ता है, और कई बार छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं। हाल के महीनों में इस मार्ग पर कई गंभीर दुर्घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें लोगों की जान गई और कई घायल हुए।
नागरिकों की मांग है कि इस सड़क को तत्काल बंद कर यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाए, ताकि बड़े हादसों को रोका जा सके। साथ ही, सड़क की मरम्मत और गुणवत्ता जांच के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के संसदीय क्षेत्र मिर्ज़ापुर में इस महत्वपूर्ण मार्ग की ऐसी हालत कई सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोग और यात्री इस बात से नाराज हैं कि इतने महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण में भ्रष्टाचार की अनदेखी कैसे हुई। प्रशासन की चुप्पी ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण में हुई अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इसके अलावा, सड़क पर खड़े वाहनों की निगरानी बढ़ाने और नियमित रखरखाव के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। यह मार्ग न केवल आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की कनेक्टिविटी का भी आधार है। ऐसे में, प्रशासन से अपेक्षा है कि वह त्वरित कार्रवाई कर इस सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।