मानवता की मिसाल: इंजीनियर प्रवीण कुमार पटेल का सेवा-भाव

  • अभिजीत श्रीवास्तव | अदलहाट, मीरजापुर | 30 अगस्त 2025

अदलहाट (मीरजापुर): देश में अंगदान और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, भारत में 18,911 अंग प्रत्यारोपण हुए, जिसके साथ भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है और जीवित (लिविंग) डोनर प्रत्यारोपण में सबसे आगे है। इस प्रेरणादायक पृष्ठभूमि में, मीरजापुर के अदलहाट बाजार के निवासी प्रवीण कुमार पटेल ने मानवता की सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रवीण कुमार पटेल ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, लेकिन उनका मन हमेशा से समाज के लिए कुछ करने की ओर अग्रसर था। उनके पिता रत्नेश्वर सिंह, एक प्रतिष्ठित पत्रकार, और माता सुशीला देवी, एक सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, ने उन्हें एक सफल इंजीनियर बनाने का सपना देखा था। लेकिन प्रवीण ने अपने सपनों को समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को देखते हुए, प्रवीण ने इस दिशा में काम करने का निर्णय लिया। महंगे इलाज के लिए ग्रामीणों को अपनी जमीन-जायदाद तक गिरवी रखनी पड़ती थी। इस समस्या को हल करने के लिए, प्रवीण ने सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का संकल्प लिया। इस मिशन को और मजबूत करने के लिए उन्होंने डॉक्टर चंद्रा सिंह से विवाह किया, जो उनकी इस यात्रा में उनकी सहयोगी बनीं। प्रवीण और उनकी पत्नी ने मिलकर पहले नरायनपुर में एक किराए के मकान में अस्पताल शुरू किया। इसके बाद, उन्होंने वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर रसूलगंज में वेदांता अस्पताल की स्थापना की। यह अस्पताल विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में किफायती दरों पर इलाज प्रदान करता है। आयुष्मान कार्ड धारकों और विभिन्न स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे ग्रामीणों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल रही है।

यह भी देखें  धोती-कुर्ता पहन क्रिकेट के मैदान में उतरेगे सनातनी

प्रवीण ने केवल अस्पताल तक ही अपने प्रयासों को सीमित नहीं रखा। उन्होंने सर्विंग ह्यूमैनिटी सोसाइटी नामक एक स्वयंसेवी संस्था की स्थापना की, जो कोविड काल जैसे संकट के समय में भी लोगों की मदद के लिए तत्पर रही। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने कई जरूरतमंदों की सहायता की। प्रवीण ने अपने जीवन को और भी सार्थक बनाने के लिए एक प्रेरक कदम उठाया। उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद अपने सभी अंग दान करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, वह नियमित रूप से रक्तदान करते हैं और छात्र जीवन में ही अपनी आँखें दान कर चुके हैं। उनका यह कदम समाज के लिए एक प्रेरणा है।

प्रवीण का कहना है, “अंगदान और रक्तदान जैसे कार्यों से हम दूसरों के जीवन में खुशियां ला सकते हैं। यह न केवल एक नेक काम है, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।” वह सभी से इस पुण्य कार्य में शामिल होने की अपील करते हैं। प्रवीण कुमार पटेल की यह कहानी न केवल मीरजापुर, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। उनकी सेवा-भावना और मानवता के प्रति समर्पण हमें यह सिखाता है कि सच्ची सफलता वही है, जो दूसरों के जीवन में बदलाव लाए।

About Author

Leave a Reply



🐄 गौ सेवा, प्रभु सेवा 🐄
जय श्री कृष्ण! जय गौमाता! 🙏

साथियों,
VMW TEAM FOUNDATION का यह अटूट संकल्प है कि हर महीने के अंतिम रविवार को हम अपनी गौमाताओं की सेवा के लिए एकत्रित हों। इसी कड़ी में, इस रविवार को हम गौशाला में हरे चारे की विशेष व्यवस्था कर रहे हैं।
गाय हमारी संस्कृति और आस्था का केंद्र है। उनकी सेवा से मिलने वाला संतोष और पुण्य अतुलनीय है।
🚩हम आप सभी धर्मप्रेमियों से तन, मन और धन से सहयोग की अपील करते हैं। आप अपनी सामर्थ्य अनुसार इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें*

आइए, मिलकर पुण्य के इस कार्य को सफल बनाएं।

You may have missed

error: Content is protected !!