जम्मू-कश्मीर: रियासी में लैंडस्लाइड से 7 की मौत, रामबन में बादल फटने से भारी तबाही
- रियासी और रामबन, जम्मू-कश्मीर | न्यूज़वाला संपादकीय टीम
जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदाओं ने एक बार फिर कहर बरपाया है। रियासी जिले में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटना में सात शव बरामद किए गए हैं, जबकि रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही मची है। इन घटनाओं ने स्थानीय समुदायों को झकझोर दिया है, और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।
रियासी जिले में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक सात शव बरामद किए गए हैं, और कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं, जो लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। भूस्खलन के कारण कई मकान और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है।
रामबन जिले के राजगढ़ तहसील में 29 अगस्त 2025 की देर रात बादल फटने की घटना ने भयावह स्थिति पैदा कर दी। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि चार अन्य लोग लापता हैं। बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने कई मकानों, दुकानों और वाहनों को बहा दिया, जिससे भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं, और प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं। रामबन के उपायुक्त मोहम्मद इलियास खान ने स्थिति पर नजर रखने और अतिरिक्त बचाव दलों को तैनात करने की बात कही है।
दोनों जिलों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट पर हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और SDRF की टीमें लापता लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटी हैं। जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हुआ है, और सड़कों को खोलने के प्रयास जारी हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। किश्तवाड़, कठुआ और डोडा जैसे जिलों में भी इसी तरह की आपदाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारी बारिश और पर्यावरणीय असंतुलन इन घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते सभी जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- न्यूज़वाला की ओर से हम प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और प्रशासन से त्वरित राहत कार्यों की मांग करते हैं।