वैष्णोदेवी भूस्खलन हादसा: राजस्थान के 4 भाइयों की मौत के बाद शवों से गायब हुई ज्वेलरी और कैश

जम्मू-कश्मीर के वैष्णोदेवी मंदिर मार्ग पर हुए भीषण भूस्खलन हादसे में राजस्थान के चार भाइयों की मौत के बाद अब एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मृतकों के परिवार ने आरोप लगाया है कि शवों से लाखों रुपये की ज्वेलरी और जेब में रखा कैश गायब हो गया है। यह हादसा मंगलवार, 26 अगस्त को अर्धकुमारी मंदिर के पास हुआ था, जिसमें अब तक 34 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। भूस्खलन में राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ के तीन भाई—अरविंद (35), अनिल (43), गजानंद (32)—और नागौर के संदीप (35) की मौत हो गई। अरविंद और अनिल सगे भाई थे, जबकि गजानंद और संदीप रिश्ते में भाई थे। परिवार के अनुसार, चारों सात दिन पहले श्रीनगर घूमने गए थे और वहां से लौटकर वैष्णोदेवी दर्शन के लिए निकले थे। हादसे में मलबे और पत्थरों के नीचे दबकर उनकी जान चली गई।

मृतकों के छोटे भाई ने बताया कि उनके भाइयों के पास लाखों रुपये की सोने की ज्वेलरी थी, जिसमें अंगूठियां, चेन और अन्य आभूषण शामिल थे। इसके अलावा, उनके पास जेब में काफी मात्रा में नकदी भी थी। लेकिन जब शव परिवार को सौंपे गए, तो न तो ज्वेलरी मिली और न ही कैश। छोटे भाई ने कहा, “हमने पुलिस और प्रशासन से इसकी शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। यह बहुत दुखद है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी ऐसी लापरवाही हुई।”

परिवार ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इस मामले की गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि शवों की बरामदगी और हैंडओवर की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी थी। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी घटनाएं आपदा के समय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं। प्रशासन के अनुसार, जम्मू में 24 घंटे के भीतर 250 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात बन गए। हादसे में कई श्रद्धालु मलबे में फंस गए और उन्हें बचने का मौका नहीं मिला। भारतीय सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन ने बचाव कार्य किए, लेकिन कई लोग अभी भी लापता हैं।

यह भी देखें  सतत और जैविक खेती एक बेहतर विकल्प - श्याम नन्दन पाण्डेय

About Author

Leave a Reply



🐄 गौ सेवा, प्रभु सेवा 🐄
जय श्री कृष्ण! जय गौमाता! 🙏

साथियों,
VMW TEAM FOUNDATION का यह अटूट संकल्प है कि हर महीने के अंतिम रविवार को हम अपनी गौमाताओं की सेवा के लिए एकत्रित हों। इसी कड़ी में, इस रविवार को हम गौशाला में हरे चारे की विशेष व्यवस्था कर रहे हैं।
गाय हमारी संस्कृति और आस्था का केंद्र है। उनकी सेवा से मिलने वाला संतोष और पुण्य अतुलनीय है।
🚩हम आप सभी धर्मप्रेमियों से तन, मन और धन से सहयोग की अपील करते हैं। आप अपनी सामर्थ्य अनुसार इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें*

आइए, मिलकर पुण्य के इस कार्य को सफल बनाएं।

You may have missed

error: Content is protected !!