वृंदावन: बांके बिहारी मंदिर में AK-47 के साथ पुलिसकर्मी, वायरल वीडियो से विवाद
वृंदावन, मथुरा, 22 अगस्त 2025 | मथुरा के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पुलिसकर्मी AK-47 राइफल कंधे पर लटकाए मंदिर परिसर में नजर आया। यह पुलिसकर्मी किसी वीआईपी की सुरक्षा में तैनात था और उसने मंदिर के जगमोहन क्षेत्र में वीआईपी की तस्वीरें खींचने के लिए मोबाइल का भी उपयोग किया। इस घटना का 45 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मंदिर की मर्यादाओं के उल्लंघन को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। घटना गुरुवार, 21 अगस्त 2025 की दोपहर की बताई जा रही है, जब मंदिर में राजभोग आरती के बाद दर्शन बंद थे। इस दौरान एक रसूखदार वीआईपी दर्शन के लिए मंदिर पहुंचा। वीआईपी ने गर्भगृह की देहरी का पूजन किया, और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मी AK-47 राइफल के साथ वहां घूमता दिखा। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी को राइफल लटकाए और मोबाइल से तस्वीरें खींचते देखा गया। मंदिर में हथियार लाना और फोटोग्राफी करना सख्त वर्जित है, जिसके चलते इस घटना ने विवाद को जन्म दिया।
वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना की कड़ी आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “बांके बिहारी मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर हथियार लेकर घुसना और फोटोग्राफी करना अस्वीकार्य है।” कई लोगों ने मंदिर प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, कुछ यूजर्स ने पुलिसकर्मी का बचाव करते हुए कहा कि वह अपनी ड्यूटी के तहत वीआईपी की सुरक्षा में था।
इस घटना पर अभी तक बांके बिहारी मंदिर प्रशासन या मथुरा पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना मंदिर बंद होने के समय हुई, जब सामान्य श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं थी। फिर भी, मंदिर के नियमों का उल्लंघन होने के कारण इस मामले की जांच की मांग जोर पकड़ रही है। वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित एक प्रमुख तीर्थस्थल है, जिसकी स्थापना 1864 में स्वामी हरिदास जी ने की थी। मंदिर में भगवान कृष्ण की बांके बिहारी स्वरूप में पूजा होती है, और लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर में हथियार और फोटोग्राफी पर सख्त पाबंदी है, ताकि इसकी पवित्रता और शांति बनी रहे। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी दर्शन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। श्रद्धालु मांग कर रहे हैं कि मंदिर प्रशासन और पुलिस इस मामले की गहन जांच करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।