जयपुर: विद्याश्रम स्कूल पर अभिभावकों के गंभीर आरोप, फीस विवाद में बच्चों को बनाया बंधक, भेदभाव का दावा

  • स्कूल प्रशासन पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप, बच्चों को लंच से वंचित करने और टॉर्चर करने की शिकायत

जयपुर, 31 जुलाई 2025: जयपुर के विद्याश्रम स्कूल के खिलाफ अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रशासन ने फीस जमा न करने के कारण 70 से 80 बच्चों को बंधक बनाया और उनके साथ भेदभाव किया। इस मामले ने तूल पकड़ा, जिसके बाद सैकड़ों अभिभावक स्कूल के बाहर एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने स्कूल पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने, बच्चों को टॉर्चर करने, और लंच से वंचित करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।

अभिभावकों ने बताया कि वे कोर्ट के आदेशानुसार फीस जमा कराने स्कूल पहुंचे थे, लेकिन स्कूल प्रशासन ने फीस स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बजाय, लगभग 70 से 80 बच्चों को कथित तौर पर स्कूल में बंधक बनाया गया। अभिभावकों का दावा है कि बच्चों को कक्षाओं से अलग रखा गया, उन्हें लंच नहीं दिया गया, और उनके साथ मानसिक रूप से टॉर्चर किया गया। एक अभिभावक ने कहा, “हमारे बच्चों को स्कूल में कैद करके भेदभाव किया गया। यह पूरी तरह से अमानवीय है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, कोर्ट ने स्कूल को निर्देश दिए थे कि वह निर्धारित फीस ही ले, लेकिन स्कूल प्रशासन ने अतिरिक्त शुल्क की मांग की और फीस जमा न करने वाले बच्चों को प्रताड़ित किया। इस मामले में अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

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मामला बढ़ता देख स्कूल प्रशासन हरकत में आया और बच्चों को अभिभावकों को सौंप दिया गया। हालांकि, स्कूल प्रशासन ने इन आरोपों पर आधिकारिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, स्कूल का दावा है कि फीस विवाद के कारण कुछ बच्चों को कक्षाओं से अलग रखा गया था, लेकिन किसी भी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया। इस मामले में स्कूल प्रशासन को जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष स्पष्टीकरण देना पड़ सकता है।

अभिभावकों ने बताया कि इस घटना का बच्चों पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा है। कई बच्चे स्कूल से रोते-बिलखते हुए निकले। एक अभिभावक ने कहा, “हमारे बच्चों को इस तरह की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिसकी हमने कभी कल्पना नहीं की थी। स्कूल का यह व्यवहार निंदनीय है।” अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

जयपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। पुलिस ने अभिभावकों की शिकायत दर्ज की और जांच शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने भी स्कूल प्रशासन से जवाब तलब किया है। अभिभावकों ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी स्कूल पर फीस विवाद और भेदभाव के आरोप लगे हैं। देशभर में कई स्कूलों पर अतिरिक्त फीस वसूलने और फीस न देने वाले बच्चों के साथ भेदभाव करने के मामले सामने आ चुके हैं। उदाहरण के लिए, 2023 में अहमदाबाद के एक निजी स्कूल पर अभिभावकों ने इसी तरह के आरोप लगाए थे, जहां बच्चों को अतिरिक्त गतिविधियों के लिए भारी शुल्क देने के लिए मजबूर किया गया था।

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अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल प्रशासन पर कठोर कार्रवाई की जाए और बच्चों के साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए माफी मांगी जाए। इसके अलावा, वे चाहते हैं कि कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए और स्कूलों में फीस वसूली के लिए पारदर्शी नीति लागू की जाए। अभिभावकों ने यह भी कहा कि वे इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।

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