युवाओं में बढ़ते सिर और गर्दन के कैंसर के मामले: सिर्फ धूम्रपान और शराब ही नहीं, ये भी हैं मुख्य कारण

कैंसर एक खतरनाक बीमारी है, और चिंताजनक रूप से सिर और गर्दन के कैंसर (Head and Neck Cancer) के मामले युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं। हर साल 27 जुलाई को ‘हेड एंड नेक कैंसर डे’ मनाया जाता है, जिसका मकसद लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना है। आमतौर पर इस कैंसर को धूम्रपान और शराब से जोड़ा जाता है, लेकिन युवाओं में इसके बढ़ते मामलों के पीछे कई अन्य कारण भी हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।

युवाओं में सिर और गर्दन के कैंसर के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। प्रमुख कारणों पर नजर डालें:

  1. ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण
    HPV एक यौन संचारित वायरस है, जो सर्वाइकल कैंसर के अलावा मुंह और गले के कैंसर (विशेष रूप से ऑरोफेरीन्जियल कैंसर) का भी प्रमुख कारण बन रहा है। असुरक्षित यौन संबंध और ओरल सेक्स के बढ़ते चलन से HPV संक्रमण का खतरा बढ़ा है, जिससे कैंसर का जोखिम भी बढ़ रहा है।
  2. पान, गुटखा और तंबाकू उत्पाद
    भारत में युवाओं में पान, गुटखा, खैनी जैसे चबाने वाले तंबाकू उत्पादों का सेवन आम है। इनमें मौजूद हानिकारक रसायन मुंह और गले के ऊतकों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कम उम्र में इनका सेवन शुरू होने से कैंसर को विकसित होने का लंबा समय मिलता है।
  3. खराब मौखिक स्वच्छता और पोषण की कमी
    नियमित ब्रश न करना और मुंह की सफाई न रखना बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण को बढ़ावा देता है, जो कैंसर के लिए अनुकूल वातावरण बना सकता है। साथ ही, फल-सब्जियों से भरपूर पौष्टिक आहार की कमी भी जोखिम बढ़ाती है।
  4. आनुवंशिक प्रवृत्ति
    परिवार में सिर और गर्दन के कैंसर का इतिहास होने पर युवाओं में इसका खतरा बढ़ सकता है। यह जोखिम भले ही रोका न जाए, लेकिन नियमित जांच से इसे प्रबंधित किया जा सकता है।
  5. क्रोनिक इरिटेशन और डेंटल समस्याएं
    दांतों की तीक्ष्ण धारें, खराब फिटिंग वाले डेन्चर या ठीक न होने वाले मुंह के अल्सर ऊतकों में लगातार जलन पैदा करते हैं, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं।
  6. पर्यावरण प्रदूषण और व्यावसायिक जोखिम
    वायु प्रदूषण और कुछ रसायनों के संपर्क में आने से भी कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है, खासकर जब अन्य कारक भी मौजूद हों।
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इस बढ़ते खतरे को रोकने के लिए जागरूकता और बचाव के उपाय जरूरी हैं:

  • HPV टीकाकरण: HPV वैक्सीन सिर और गर्दन के कैंसर से सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी: इन व्यसनों से बचना जरूरी है।
  • तंबाकू उत्पादों का त्याग: पान, गुटखा आदि का सेवन बंद करें।
  • मौखिक स्वच्छता: नियमित ब्रश और फ्लॉस करें।
  • संतुलित आहार: फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं।
  • नियमित जांच: मुंह या गले में असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

सिर और गर्दन का कैंसर एक गंभीर चुनौती है, लेकिन जागरूकता और सही कदमों से हम युवाओं को इससे बचा सकते हैं। इस ‘हेड एंड नेक कैंसर डे’ पर, आइए संकल्प लें कि हम इस दिशा में मिलकर काम करेंगे।

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