वनरक्षक भर्ती 2020 पेपर लीक: तीन गिरफ्तार

जयपुर: राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2020 के पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एक महिला वनरक्षक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वनरक्षक उमाराम, वनरक्षक प्यारी कुमारी और दलाल रमेश कुमार शामिल हैं। जांच में खुलासा हुआ कि प्यारी कुमारी ने पेपर लीक के जरिए 1 लाख रुपये में और उमाराम ने 3 लाख रुपये में प्रश्नपत्र खरीदकर परीक्षा पास की थी।

एसओजी के अनुसार, यह गिरोह उदयपुर में किराए के एक मकान में अभ्यर्थियों को लीक किया हुआ पेपर पढ़वाता था और फिर उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाता था। दलाल रमेश कुमार इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार था, जो अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें पेपर उपलब्ध करवाता था। एसओजी ने रमेश कुमार को भी हिरासत में लिया है और उससे अन्य संदिग्धों व नेटवर्क के बारे में पूछताछ जारी है।

यह पेपर लीक मामला 28 जून 2024 को उस समय सामने आया था, जब बांसवाड़ा पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच में पता चला कि इस भर्ती परीक्षा में कई अभ्यर्थियों ने 5 से 8 लाख रुपये तक की रकम देकर लीक किए गए प्रश्नपत्र हासिल किए थे। अब तक इस मामले में कुल 27 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें 9 वनरक्षक भी शामिल हैं।

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक वी.के. सिंह ने बताया कि इस तरह के संगठित गिरोह न केवल भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ पुलिसकर्मी और अन्य सरकारी कर्मचारी भी इस रैकेट में शामिल थे।

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राजस्थान सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, जिसके तहत पेपर लीक करने या उसका लाभ उठाने वालों को 5 से 10 साल की सजा और 10 लाख से 10 करोड़ तक का जुर्माना हो सकता है। इस मामले में आगे की जांच जारी है और एसओजी अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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