मुजफ्फरनगर में राकेश टिकैत पर हमला: झंडे से सिर पर प्रहार, पगड़ी गिरी, ‘वापस जाओ’ के नारे
मुजफ्फरनगर, 2 मई 2025: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता राकेश टिकैत पर एक जन आक्रोश रैली के दौरान हमला हुआ। हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने टिकैत के सिर पर झंडे की लाठी से प्रहार किया, जिससे उनकी पगड़ी जमीन पर गिर गई। भीड़ ने ‘राकेश टिकैत वापस जाओ’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। यह हमला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में निकाली गई रैली के दौरान हुआ, जिसमें टिकैत के हालिया बयान को लेकर लोग नाराज थे।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, पर राकेश टिकैत ने एक बयान दिया था, जिसे कई संगठनों ने आपत्तिजनक माना। टिकैत ने कथित तौर पर कहा था कि “ऐसे हमलों के पीछे सरकार की नाकामी है, और किसानों की आवाज दबाने के लिए साजिश हो सकती है।” इस बयान से हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया, और उन्होंने मुजफ्फरनगर में बाजार बंद कर जुलूस निकाला। जब टिकैत रैली में शामिल होने पहुंचे, तो भीड़ ने उनका विरोध शुरू कर दिया।
रैली के दौरान टिकैत जैसे ही मंच की ओर बढ़े, कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया। एक व्यक्ति ने झंडे की लाठी से उनके सिर पर वार किया, जिससे उनकी पगड़ी गिर गई। धक्का-मुक्की में टिकैत जमीन पर गिरते-गिरते बचे। भीड़ ने ‘टिकैत हाय-हाय’ और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और टिकैत को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को हल्की चोटें भी आईं।
हमले के बाद राकेश टिकैत ने इसे “बीजेपी की साजिश” करार दिया और कहा, “यह हमला मेरी आवाज को दबाने की कोशिश है। मैं किसानों के लिए लड़ता रहूंगा, चाहे कितने हमले हों।” उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी निष्क्रियता का आरोप लगाया। मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि टिकैत के ड्राइवर प्रज्वल त्यागी की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने टिकैत पर हमले की निंदा करते हुए इसे “लोकतंत्र पर हमला” बताया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “बीजेपी सरकार असहमति की आवाज को कुचल रही है।” दूसरी ओर, बीजेपी के किसान मोर्चा अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने टिकैत के बयान को “राष्ट्रविरोधी” करार दिया और कहा कि लोगों का गुस्सा स्वाभाविक था।
सोशल मीडिया पर #RakeshTikait और #Muzaffarnagar ट्रेंड कर रहे हैं। कुछ यूजर्स टिकैत के समर्थन में हैं, जबकि अन्य उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं। टिकैत के समर्थकों ने जेल भरो आंदोलन की धमकी दी है, और BKU ने शनिवार को मुजफ्फरनगर में महापंचायत बुलाने की घोषणा की है।
राकेश टिकैत पहले भी विवादों में रहे हैं। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों में उनकी कथित भूमिका को लेकर उन पर FIR दर्ज हुई थी, जिसमें उन पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप था। हालांकि, टिकैत ने इन आरोपों से इनकार किया था। 2021 में किसान आंदोलन के दौरान भी उनके ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘हर हर महादेव’ नारों पर विवाद हुआ था, जिसे कुछ ने एकता का प्रतीक माना, तो कुछ ने इसे धार्मिक राजनीति से जोड़ा।
मुजफ्फरनगर में राकेश टिकैत पर हुआ यह हमला न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि उत्तर प्रदेश में बढ़ते सियासी तनाव को भी उजागर करता है। पहलगाम हमले पर उनके बयान ने एक बार फिर उन्हें विवादों के केंद्र में ला दिया है। पुलिस की कार्रवाई और BKU की प्रस्तावित महापंचायत से स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है। यह देखना बाकी है कि यह घटना किसान आंदोलन और क्षेत्र की सियासत को किस दिशा में ले जाएगी।