जम्मू-कश्मीर में 48 पर्यटन स्थल बंद

श्रीनगर, 29 अप्रैल 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खुफिया एजेंसियों की चेतावनी और सुरक्षा समीक्षा के मद्देनजर कश्मीर घाटी के 87 पर्यटन स्थलों में से 48 को अस्थायी रूप से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे, जिसके बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

बंद किए गए स्थलों में दूधपथरी (बडगाम), कोकेरनाग (अनंतनाग), वेरिनाग (अनंतनाग), सिंथन टॉप (किश्तवाड़), अचबल (अनंतनाग), बंगस घाटी (कुपवाड़ा), मार्गन टॉप (कुलगाम), तोसामैदान (बडगाम), युसमर्ग, अहरबल, और कई मुगल गार्डन शामिल हैं। प्रशासन ने इन स्थानों पर प्रवेश रोक दिया है, हालांकि कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, क्योंकि खुफिया सूत्रों ने घाटी में और आतंकी हमलों की आशंका जताई है।

पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट  ने ली थी। इस घटना ने कश्मीर के पर्यटन उद्योग पर गहरा असर डाला है। कई पर्यटकों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी है, और ट्रैकिंग एजेंसियों ने बुकिंग बंद कर दी हैं। सुरक्षा बलों ने गुलमर्ग, सोनमर्ग, और डल झील जैसे क्षेत्रों में विशेष ऑप्स दस्तों को तैनात किया है।

बीजेपी नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा, “यह हमला कश्मीर, इसके निवासियों और पर्यटन पर बड़ा आघात है। 48 पर्यटन स्थलों को बंद करना उचित कदम है।” **** दूसरी ओर, स्थानीय कारोबारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों में चिंता है कि इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में पर्यटन बढ़ रहा था, लेकिन इस हमले ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है।

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प्रशासन ने कहा कि स्थिति सामान्य होने पर पर्यटन गतिविधियां फिर शुरू की जाएंगी, लेकिन अभी सुरक्षा प्राथमिकता है। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे बंद स्थलों पर जाने से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

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