अवैध ई-रिक्शा पर शिकंजा: परिवहन विभाग ने भारी संख्या में वाहन किए निरुद्ध
16 अप्रैल 2025 | The Newswala देवरिया: उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लागू करने के लिए परिवहन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से अपंजीकृत और अवैध ई-रिक्शा के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। इस अभियान में भारी संख्या में ई-रिक्शा निरुद्ध किए गए। कार्यालय परिवहन आयुक्त, लखनऊ के निर्देश पर शुरू हुआ यह अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त हिदायतों का हिस्सा है, जिसमें अवैध वाहनों पर कार्रवाई और नाबालिग चालकों को रोकने पर जोर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक देवरिया श्री विक्रांत वीर के नेतृत्व में यातायात प्रभारी गुलाब सिंह ने कोतवाली और शहर क्षेत्र में अभियान चलाया। इस दौरान बिना पंजीकरण, बिना लाइसेंस, और बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के संचालित ई-रिक्शा, ऑटो, और दोपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। मोटर व्हीकल एक्ट (MV Act) के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले सैकड़ों वाहनों का चालान किया गया, और कई को निरुद्ध (सीज) किया गया।
परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह के निर्देश पर यह अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक पूरे प्रदेश में चल रहा है। देवरिया में यह कार्रवाई विशेष रूप से प्रभावी रही, जहां स्थानीय थानों में निरुद्ध वाहनों की संख्या बढ़ गई है। अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना, यातायात व्यवस्था को सुचारु करना, और अवैध वाहनों से उत्पन्न सुरक्षा जोखिमों को खत्म करना है। देवरिया में अवैध ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या से यातायात में बाधा, जाम की स्थिति, और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था। कई ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन नहीं हुआ था, और कुछ मामलों में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की शिकायतें मिली थीं। परिवहन विभाग ने बताया कि अपंजीकृत वाहन न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल हो सकते हैं। इस अभियान में चालकों के दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन कुछ ई-रिक्शा चालकों ने इसे आजीविका पर हमला बताया। एक चालक ने कहा, “हम गरीब लोग हैं, रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के लिए पैसे कहां से लाएं?” वहीं, परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन करने वाले चालकों को कोई परेशानी नहीं होगी, और अवैध वाहनों पर कार्रवाई अनिवार्य है। यह अभियान केवल देवरिया तक सीमित नहीं है। लखनऊ, गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर, प्रयागराज, और अमेठी जैसे जनपदों में भी इसी तरह की कार्रवाई चल रही है। पहले दिन पूरे प्रदेश में 915 ई-रिक्शा सीज किए गए और 3,035 का चालान हुआ। गोरखपुर में 5 वाहन निरुद्ध किए गए, जबकि संतकबीरनगर में 15 का चालान और 9 को सीज किया गया।