देवरिया में बवाल: मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल पर हिंदू मूर्तियाँ उखाड़ने का आरोप, FIR की मांग

16 अप्रैल 2025 | The Newswala देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. राजेश बरनवाल पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर परिसर में स्थापित हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को उखड़वाकर जमीन पर फेंकने का आरोप है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। जनता ने इसे हिंदू धार्मिक भावनाओं का अपमान बताते हुए डॉ. बरनवाल के खिलाफ FIR दर्ज करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की है।

महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज परिसर में वर्षों से एक छोटा मंदिर स्थापित था, जहां हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों की पूजा होती रही है। मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार का दावा है कि प्रिंसिपल डॉ. राजेश बरनवाल ने न केवल मूर्तियों को उखड़वाया, बल्कि पुजारियों को डांटकर भगा दिया और जेल भेजने की धमकी भी दी। वायरल वीडियो में कथित तौर पर मूर्तियों को अपमानजनक तरीके से हटाते हुए दिखाया गया है, जिसने स्थानीय समुदाय को आहत किया है। स्थानीय निवासियों और धार्मिक संगठनों ने इस कृत्य को “अक्षम्य” करार दिया है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “यह देवरिया की पवित्र भूमि है, जहां संत देवरहा बाबा की तपोभूमि है। मूर्तियों का इस तरह अपमान धार्मिक भावनाओं पर हमला है।”

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इन आरोपों का खंडन किया है। प्रिंसिपल डॉ. राजेश बरनवाल का कहना है कि परिसर में रखी मूर्तियाँ खंडित हो चुकी थीं और उन्हें विधि-विधान के साथ विसर्जित किया गया। उन्होंने कहा, “हमने कोई अपमान नहीं किया। मूर्तियों की स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए कार्रवाई की गई।” हालांकि, प्रशासन का यह दावा जनता के गुस्से को शांत करने में नाकाम रहा है, क्योंकि वायरल वीडियो में मूर्तियों को असम्मानजनक ढंग से हटाए जाने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं।

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स्थानीय लोगों ने डॉ. बरनवाल के खिलाफ धार्मिक भावनाएँ आहत करने और मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के लिए IPC की धारा 295A और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गर्म है, जहां लोग उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक (@brajeshpathakup) से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। एक X पोस्ट में लिखा गया, “प्रिंसिपल साहब, आप अपने आपको तुर्रम खां समझ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की दुर्व्यवस्था सुधार नहीं पाए, अब मूर्तियाँ उखाड़ने पर उतर आए। यह देवभूमि देवरिया है, इसे बख्श दीजिए।”

डॉ. राजेश बरनवाल पहले भी विवादों में घिर चुके हैं। जुलाई 2024 में उन पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का आरोप लगा था, जिसमें आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए अनुचित नियुक्तियाँ और सामग्री खरीद में नियमों के उल्लंघन की शिकायत शामिल थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने तब प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा को जांच के निर्देश दिए थे।

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