हिंदुस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति हिन्दू, जैन और सनातन धर्म एक ही सिक्के के दो पहलू

जयपुर: जैन मुनि ने एक सभा में बड़ा बयान देते हुए कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति हिन्दू कहलाएगा। उनके अनुसार, जैन और सनातन धर्म एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जिनमें मूल्य, संस्कृति और जीवन दर्शन की गहरी समानता है। यह बयान जैन समाज और सनातनियों के बीच एकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जैन मुनि ने अपने संबोधन में कहा, “हिंदुस्तान की मिट्टी में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति इस देश की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है। जैन धर्म और सनातन धर्म दोनों ही अहिंसा, सत्य, और आत्म-शुद्धि को सर्वोपरि मानते हैं। नाम भले ही अलग हों, लेकिन हमारा आधार एक है।” उन्होंने आगे कहा कि दोनों परंपराओं में कर्म, पुनर्जन्म और मोक्ष की अवधारणा समान है, जो इन्हें एक-दूसरे से जोड़ती है।

जैन मुनि ने यह भी उल्लेख किया कि प्राचीन काल से ही जैन और सनातन धर्म के अनुयायी एक-दूसरे के साथ मिलकर समाज का निर्माण करते आए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान ऋषभदेव, जिन्हें जैन धर्म का प्रथम तीर्थंकर माना जाता है, सनातन ग्रंथों में भी सम्मानित हैं। “हमारी पूजा पद्धति और आहार-विहार में अंतर हो सकता है, लेकिन हमारा लक्ष्य एक ही है- मानवता की सेवा और आत्मा का उद्धार,” मुनि ने जोड़ा।

इस बयान को लेकर जैन और सनातन समुदाय में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। जयपुर के एक जैन व्यापारी रमेश जैन ने कहा, “मुनि जी का यह कथन हमारी एकता को दर्शाता है। हमें अपने मतभेदों को भुलाकर एक साथ आगे बढ़ना चाहिए।” वहीं, एक सनातनी विद्वान पंडित श्याम शर्मा ने इसे स्वागत योग्य बताते हुए कहा, “यह बयान हमारी साझा विरासत को मजबूत करता है।”

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हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह का बयान धार्मिक पहचान को लेकर बहस छेड़ सकता है। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हर धर्म की अपनी विशेषता है। इसे एक करने की बात विवाद को जन्म दे सकती है।” फिर भी, अधिकांश लोग इसे एकता के संदेश के रूप में देख रहे हैं।

जैन मुनि का यह बयान न केवल धार्मिक समन्वय का प्रतीक है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि हिंदुस्तान की विविधता ही उसकी ताकत है। जैन और सनातन धर्म के बीच की यह साझेदारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल कायम कर सकती है। The Newswala इस संदेश का समर्थन करता है और सभी समुदायों से एकजुटता की अपील करता है।

-एम. के. पांडे “निल्को”, द न्यूजवाला

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