बीएचयू : जबरन चंदा वसूली पर दुकानें बंद कर विरोध
- बीएचयू विश्वनाथ मंदिर की सभी दुकानें बंद
- दुकानदार बोले-छात्रा चंदे के रूप में ज्याद मांग रहे पैसा
- विश्वविद्यालय प्रशासन की चल रही बैठक
आनंद कुमार झा, वाराणसी | काशी हिंदू विश्वविद्यालय में लगातार विरोध प्रदर्शन और भय का माहौल बना ही रहता है। बीते कुछ समय से विश्वविद्यालय के छात्रों का नाम कई विवादों से जुड़ता रहा है। अब एक और मामला सामने आया है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों के गुटों ने बाजार में स्थित दुकानदारों से 11-11 हजार रुपये जबरदस्ती चंदा मांगना शुरू कर दिया। दुकानदारों ने विरोध किया तो छात्र मनमानी पर उतर आए। विरोध में दुकानदारों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर तालाबंदी कर दी। उन्होंने विवि प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर के आस पास की दुकानें आज बंद हैं। दुकानदारों में काफी आक्रोश है। उन्होंने छात्रों पर आरोप लगाया है कि वह सभी चंदे के रूप में 11 हजार रूपए तक की डिमांड कर रहे हैं। वहीं इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। चीफ प्रॉक्टर आफिस में दुकानदारों को समझाया जा रहा है।
बता दें कि काशी विश्वविद्यालय परिसर में स्थित विश्वनाथ मंदिर के बाहरी हिस्से में काफी संख्या में दुकानें स्थित हैं। यहां पर रोजाना हजारों की संख्या में बाहरी लोग, पर्यटकों और छात्रों व स्टाफ की भीड़ लगी रहती है। यहां पर बना बाजार काफी अच्छा चलता है। मगर शनिवार को यहां स्थित सभी दुकानें बंद पड़ी रहीं। इसका कारण बीएचयू के छात्र बताए जा रहे हैं। दुकानदारों का आरोप है कि बिरला, एलबीएस, राजाराम और कला सामाजिक विज्ञान व अन्य विभाग के छात्रों द्वारा छात्रावास और विश्वविद्यालय के विभिन्न आयोजन हेतु जबरदस्ती चंदा वसूली की जाती है। विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कुछ छात्रों ने उनसे चंदा मांगने के नाम पर मनमानी की है। उन पर 11-11 हजार रुपये चंदा देने का दबाव बना रहे हैं। इसको लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। मगर कोई कार्रवाई न होने से दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं।