सुकमा में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी: 17 नक्सलियों का एनकाउंटर

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शनिवार सुबह सुकमा और दंतेवाड़ा की सीमा पर स्थित केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली जंगल में हुई मुठभेड़ में 17 नक्सलियों को मार गिराया गया, जिनमें 11 महिलाएं शामिल हैं। इस ऑपरेशन में 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर कुहड़ामी जगदीश उर्फ बुधरा भी ढेर हुआ, जो 12 साल पहले हुए झीरम घाटी कांड का प्रमुख आरोपी था।

सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के अनुसार, यह अभियान 28 मार्च को नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किया गया था। डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह करीब 8 बजे नक्सलियों को घेर लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। मुठभेड़ में डीआरजी के तीन और सीआरपीएफ के एक जवान घायल हुए, जिन्हें भारतीय वायु सेना की मदद से इलाज के लिए सुरक्षित निकाला गया। घायल जवानों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

मारे गए नक्सलियों में से सात की पहचान हो चुकी है, जिसमें जगदीश उर्फ बुधरा का नाम सबसे अहम है। वह दरभा डिवीजन का सचिव और स्पेशल जोनल कमेटी (SZCM) का सदस्य था। झीरम घाटी कांड (2013) में उसकी अहम भूमिका थी, जिसमें कांग्रेस के कई बड़े नेता मारे गए थे, जिसमें महेंद्र कर्मा भी शामिल थे। मुठभेड़ स्थल से AK-47, SLR, इंसास राइफल, रॉकेट लॉन्चर और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।

बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने इसे नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता करार देते हुए कहा कि 2025 में अब तक बस्तर संभाग में 117 नक्सली मारे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सुरक्षाबलों की बहादुरी की सराहना की। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस ऑपरेशन से नक्सलियों के नेटवर्क को गहरा झटका लगा है और इलाके में सर्च अभियान अभी भी जारी है।

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