वार्षिकोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मिलता है समाजिक ज्ञान

अंजली श्रीवास्तव, मीरजापुर : अध्यापक से पुस्तकीय ज्ञान मिलता है लेकिन वार्षिकोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम होने से आपके ज्ञान के अलावा अन्य दृश्य देखकर अलग अलग ज्ञान के साथ सामाजिक ज्ञान मिलता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह ने रुपौधा ग्राम में रविवार को देर शाम रतन स्कूल के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र को संस्कार गुरु से ही मिलता है।छात्र के प्रथम गुरु माता पिता है। मन लगाकर पढ़ेंगे तभी आगे बढ़ेगें। उन्होंने कहा कि दीपक हमेशा दूसरे के लिए जलता है। आपस में जलन का भाव न रखकर कम्पटीशन करो।ज्ञान बांटने से ज्ञान बढ़ता है।क्षण भर का दर्द सहकर जिन्दगी भर आनन्द लोगे। उन्होंने कहा कि मनुष्य के पैदा होते ही पहला जन्म व अन्तिम मृत्यु का पन्ना लिख दिया जाता है लेकिन बीच का पन्ना सादा रहता है। जो कर्म का है,उसे आप जैसे सजाना संवारना चाहें,सजा सकते है।ज्ञान ऐसी वस्तु है उसे कोई बांट नहीं सकता।ज्ञान के सहारे किसी भी नैया को पार लगा लेंगे। दर्दों को सहन करना जो न जाना ,वह पहचान नहीं बना पायेगा।
मुख्य अतिथि ने सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छात्र/छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। विद्यालय के संस्थापक सुरेन्द्र नाथ,अध्यक्ष शिवम सिंह,प्रबन्धक शुभम सिंह व प्रधानाचार्य अनुराग सिंह ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को जिला पंचायत सदस्य पंकज उपाध्याय,बजरंग बली सिंह ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर अंजली पटेल,संदीप कुमार,बीना दीक्षित,धर्मेन्द्र प्रजापति,हिमांशु मौर्य,शुब्रजीत यादव,सीमा तिवारी तथा अन्य लोग रहे।

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