नागालैंड जनजाति गौरव और अस्मिता से जुड़ा देश का महत्वपूर्ण प्रदेश -राज्यपाल

  • राज्यपाल ने कहा- नागालैंड जनजाति गौरव और अस्मिता से जुड़ा देश का महत्वपूर्ण प्रदेश
  • स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने नागालैंड निवासियों से किया संवाद
जयपुर, 1 दिसम्बर। नागालैंड राज्य स्थापना दिवस पर राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने शुक्रवार को राजभवन में नागालैण्ड निवासियों से संवाद कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने कहा कि एक दिसम्बर 1963 को भारत के सोलहवें राज्य के रूप में नागालैण्ड अस्तित्व में आया। यह प्रदेश भारतीय संस्कृति के जनजातीय गौरव से जुड़ा प्राकृतिक रूप से समृद्ध राज्य है। श्री मिश्र ने कहा कि नागालैण्ड पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश, दक्षिण में मणिपुर एवं पश्चिम तथा उत्तर-पश्चिम में असम और पूर्व में म्यांमार (बर्मा) से घिरा सुंदर प्राकृतिक प्रदेश है।  उन्होंने कहा कि जनजातीय परम्पराओं से समृद्ध यह प्रदेश भारत की आदिवासी धरोहर को भी अपने में सहेजे हुए हैं। उन्होंने नागालैंड के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी सांस्कृतिक परंपराओं के साथ प्रदर्शनकारी कलाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत राज्यों के स्थापना दिवस मनाने का ध्येय यही है कि एक प्रदेश दूसरे प्रदेश की संस्कृति से परस्पर गहराई से जुड़ सके। राज्यपाल ने इससे पहले संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों का वाचन करवाया।  इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री सुबीर कुमार भी उपस्थित रहे।

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