उदयपुर फाइल्स रिलीज: कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी फिल्म देख भावुक हुए बेटे
उदयपुर के बहुचर्चित कन्हैयालाल साहू हत्याकांड पर आधारित फिल्म उदयपुर फाइल्स शुक्रवार, 8 अगस्त 2025 को देशभर के 4500 सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। उदयपुर के सेलिब्रेशन मॉल, अरबन स्क्वायर, और लेकसिटी मॉल में भी फिल्म का प्रदर्शन शुरू हुआ। फिल्म के पहले शो में कन्हैयालाल के बेटों, यश और तरुण तेली, ने अपने पिता की तस्वीर हाथ में लेकर इसे देखा और हत्या के दृश्य को देखकर भावुक होकर रो पड़े।
फिल्म उदयपुर फाइल्स, जो 28 जून 2022 को उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल साहू की निर्मम हत्या पर आधारित है, ने उस भयावह घटना को पर्दे पर उतारा है। यश तेली ने कहा, “यह फिल्म सिर्फ मेरे पिता की हत्या की कहानी नहीं, बल्कि कट्टरपंथ और आतंकी मानसिकता का सच दिखाती है। मैं देशवासियों से अपील करता हूं कि इसे देखें और इस जघन्य अपराध के बारे में जानें।”
फिल्म की रिलीज से पहले कई विवादों का सामना करना पड़ा। एक आरोपी, मोहम्मद जावेद, ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की थी, यह दावा करते हुए कि यह उनकी निष्पक्ष सुनवाई को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी जमीअत उलमा-ए-हिंद और अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर विचार किया, लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) द्वारा 150 कट्स के बाद फिल्म को रिलीज की मंजूरी मिल गई।
फिल्म के निर्माता अमित जानी ने कहा, “यह फिल्म किसी समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज को इस घटना की सच्चाई से अवगत कराने के लिए बनाई गई है।” कन्हैयालाल की पत्नी जशोदा साहू ने भी फिल्म को समर्थन देते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि लोग इस अपराध को समझें और हमारे परिवार ने जो दर्द सहा, वह किसी और को न सहना पड़े।”
उदयपुर में फिल्म के प्रदर्शन के दौरान मॉल्स के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी तरह की अशांति को रोका जा सके। फिल्म का पहला शो अरबन स्क्वायर मॉल में सुबह 11:20 बजे शुरू हुआ, इसके बाद सेलिब्रेशन मॉल में शाम 6:05 बजे और लेकसिटी मॉल में 7:35 बजे प्रदर्शन हुआ।
फिल्म की रिलीज को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा छाई रही। एक यूजर ने लिखा, “#उदयपुर_फाइल्स देखें और जानें कि कन्हैयालाल जी की निर्मम हत्या कैसे हुई। यह फिल्म हिंदुओं की आवाज को दबाने और उनकी हत्या की सच्चाई दिखाती है।” दूसरी ओर, कुछ संगठनों ने फिल्म को सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला बताकर इसका विरोध किया।