पुस्तक समीक्षा – जीत लो दुनिया

अपने आसपास और समाज में हो रही गतिविधियों और घटनाओं के प्रति किसी भी आम व्यक्ति की अपेक्षा लेखक अधिक संवेदनशील होता है। उसी संवेदनशीलता के प्रति सजग रहकर मन में चल रहे विचारों और भावों को शब्दों में सजाकर वो पुस्तक का रूप देता है। और यदि लेखक के मन की बात पढ़ते हुए पाठक अपने मन में भी झांक पाए तो यह उसकी कृति की सार्थकता है। वैसे तो साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता है किंतु यहां मैं साहित्य को मन का दर्पण कहना चाहता हूं क्यूंकि ” जीत लो दुनिया ” के बारे में यह बात शत प्रतिशत सही साबित हो रही है।
जी हां! आज हम बात करेंगे हाल ही में रिलीज हुई संगीता अग्रवाल द्वारा लिखित, न्यू लाइफ मीडिया द्वारा प्रकाशित पुस्तक ” जीत लो दुनिया ” के बारे में। जिसे पढ़ते पढ़ते आप अपने जीवन के अनुभवों में कब खो जायेंगे, आपको इसका अंदाजा भी नहीं आएगा।
रोजमर्रा की जिंदगी में हमारा जिनसे सामना होता है, ऐसे सामान्य से लगनेवाले किंतु महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहुत रोचक चर्चा की गई है। इनमें छुपी समस्याओं को न केवल उठाया गया है बल्कि समाधान भी काफी सरल और सहज रूप से सुझाए गए हैं। जैसे कि –
– धोखा मिलना एक वैश्विक समस्या है, शायद ही कोई व्यक्ति इससे अछूता रहा होगा। ऐसे में धोखे को एक नवीन दृष्टिकोण द्वारा परिभाषित किया गया है इस पुस्तक में। जिसे जानने के बाद धोखे से उत्पन्न हुई नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी, मन साफ होगा और आप हल्का महसूस करेंगे।
– आजकल हर कोई व्यस्त है और समय की कमी से जूझ रहा है। तो यहां यह सवाल उठाया गया है कि क्या इंसान वाकई में व्यस्त है या बिजी होना एक बहाना है? यदि सबके पास 24 घंटे हैं तो किसी के पास कम समय और किसी के पास अधिक समय कैसे हो सकता है? इन सवालों के जवाब जानने के बाद आपको अपने आसपास के बिजी लोगों की मानसिकता को समझने में आसानी होगी।
– हर परिस्थिति में खुद को पॉजिटिव कैसे रखें, इसका ज्ञान इंटरनेट पर भर भरके परोसा जा रहा है, किंतु हर समय पॉजिटिव रहने का दबाव कितना नुकसानदेही हो सकता है, क्या आपको इसका अंदाजा है? ऐसे में यह जान लेना भी आवश्यक है कि अति सकारात्मकता का शिकार होने से कैसे बचा जाए?
– कुछ खास रिश्ते ऐसे होते हैं जो आपकी अत्यधिक परवाह करते है किंतु हद से अधिक की गई यह परवाह आपका सिरदर्द बन जाती है तो परवाह के नाम पर परेशान करनेवालों से खुद को कैसे बचाएं?
– जीवन के मुश्किल समय में कठिन फैसले लेने की क्षमता कैसे विकसित करें?
– क्या अत्यधिक प्रेम द्वारा इंसान को बदला जा सकता है?
– भविष्य संवारने के लिए तो हर कोई उत्सुक है पर क्या आपमें अपना अतीत बदलने की क्षमता है?
– मदद के नाम पर आपका इस्तेमाल करनेवालों को कैसे पहचानें?
– सम्मान को सम्मानपूर्वक कैसे स्वीकार करना चाहिए?
– आपके अपनों को हमेशा हमेशा के लिए खुश रखने का सबसे अद्वितीय तरीका क्या हो सकता है?
ऐसे और इनके जैसे कई जीवनोपयोगी प्रश्नों के उत्तर मिलेंगे ” जीत लो दुनिया में “। जिससे अपने आप को, अपने रिश्तों को, अपने करीबी लोगों को समझने में मदद मिलेगी और स्वयं को भावनात्मक रूप से अधिक मजबूत बनाने की शक्ति मिलेगी।
अनावश्यक रूप से अधिक बढ़ा चढ़ा कर लिखने की बजाय विषय को संक्षेप और अनुशासन में व्यक्त करने की संगीता अग्रवाल की शैली काफी धारदार है।

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