चौमूं उप जिला अस्पताल, कही राहत के बजाय बन ना बैठे आफत
पत्रकार कमलेश शर्मा की कलम से स्पेशल रिपोर्ट
- चौमूं शहर में उप जिला अस्पताल की सौगात – “कही राहत के बजाय बन ना बैठे आफत”
- चौमूॅ सीएससी के स्थान परिवर्तन को लेकर जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
राजधानी से महज 30 किलोमीटर दूर स्थित चौमूं शहर भले ही चिकित्सा क्षेत्र में अपने झंडे गाढने में सफल रहा है, लेकिन इसमें सरकार का कतई योगदान नहीं रहा है। अपनी मूलभूत सुविधाओं से महरूम चौमूं का सीएचसी इसका जीवित उदाहरण है। आपको बता दे कि चौमूं सीएचसी में पर्याप्त अच्छे चिकित्सक होने के बावजूद सुविधाओं के अभाव में हमेशा सरकारी अस्पताल शहर की गरीब जनता के लिए सालों से दंश बना हुआ है। राजधानी के इतने नजदीक होने के बावजूद भी वर्तमान में अस्पताल की व्यवस्थाओं का यह आलम है कि ना तो यंहा ट्रोमा है ना ही किसी प्रकार का कोई आईसीयू केन्द्र बना हुआ है। ऐसे में आपातकालीन मरीजों को एसएमएस अस्पताल रैफर करने के अलावा यंहा मौजूद चिकित्सकों के पास कोई विकल्प नहीं है। वही आजादी के 75 साल बाद जननायक अशोक गहलोत की सरकार ने इस सीएचसी की सुध लेते हुए बजट सत्र में उप जिला अस्पताल क्रमोन्नत कर सुविधा बढाने का काम कर रही है। वही जब शहरवासियों को इस बात का पता चला तो उन्होने राहत भरी सांस जरूर ली, लेकिन अस्पताल के क्रमोन्नत के साथ इसके स्थान बदलाव ने शहरवासियों के चेहरे पर मायूसी ला दी है। जिसकों लेकर शहर के जागरूक संगठन अब विरोध करने लगे हैं। वही शहर में चर्चा है कि कुछ जनप्रतिनिधि अपने निजी लाभ के लिए उप जिला अस्पताल को शहर से दूर स्थानांतरित करवाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाते नजर आ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को विराज फाउंडेशन के प्रदेशाध्यक्ष भुवनेश तिवाडी ने चौमूॅ सीएससी के स्थान परिवर्तन को लेकर जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित को ज्ञापन सौपा। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि विधानसभा बजट के दौरान उप जिला अस्पताल की चौमू वासियों को सौगात दी गई लेकिन सौगात के साथ उप जिला अस्पताल का स्थान परिवर्तन के लिए जगह चिन्हित कर गढ़ के पास वाली जमीन व हनुमान जी के रास्ते पर संस्कृति स्कूल के पास वाली जगह चिन्हित की गई जिसमें गढ़वाली जमीन मे कृषि उपज मंडी से विवाद होने को लेकर उसे चिन्हित न कर हनुमान जी के रास्ते पर संस्कृत स्कूल के पास वाली जगह चिन्हित की गई जो कि जनता के हित में नहीं है सीएससी से वह जगह लगभग 2 किलोमीटर दूरी पर है जिसमें आमजन को वहां पर जाने में असुविधा व आर्थिक बोध का सामना करना पड़ेगा वर्तमान अस्पताल में चौमूॅ शहर व आसपास के ग्रामीण शत प्रतिशत जनता स्वास्थ्य लाभ उठा रही है शहर के मध्य एवं बस स्टैंड के पास होने से महिलाएं व वृद्धजन एवं अन्य को पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी अथवा साधनों का अभाव का सामना नहीं करना पड़ता है वर्तमान में स्थित उप जिला अस्पताल में काफी जगह है तथा वर्तमान भवन पुराना भी हो चुका है जिसमें अव्यवस्थित ढंग से निर्माण होने के कारण काफी जगह रुकी हुई है वह खाली पड़ी है इस जगह को सही रूप में सदुपयोग करते हुए उप जिला अस्पताल को यथा स्थान रखकर पुराने भवन की जगह पर बहुमंजिला निर्माण करते हुए उपयोग में लेकर चोमू वासियों को राहत दी जा सकती है