जीवन एक उत्सव है,योग से महोत्सव बना सकते है-योगी ज्वाला

मीरजापुर: आदर्श जनता महाविद्यालय कोलना,चुनार में विंध्य योग सेवा धाम चैरिटेबल ट्रस्ट एवं पतंजलि युवा भारत की ओर से चल रहे योग शिविर का शुक्रवार को समापन हुआ। योग गुरु योगी ज्वाला ने बीएड प्रशिक्षुओं को कमर दर्द व अन्य स्पाइन संबंधित समस्याओं के लिए पेट के बल लेटकर करने वाले आसनों में मकरासन,शलभासन,भुजंगासन, धनुरासन,विपरीत नौकासन के साथ-साथ मोटापा से परेशान साधकों के लिए एवं युवाओं के लिए विशेष पीठ के बल लेटकर करने वाले आसनों में उत्तानपादासन,पवनमुक्तासन, सर्वांगासन, हलासन, चक्रासन के साथ-साथ आदि आसनों का अभ्यास कराते हुए उनसे होने वाले लाभ के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

समापन अवसर पर योग गुरु ने सभी अभ्यर्थियों को दिनचर्या के मुख्य घटक के बारे में बताते हुए कहा कि मनुष्य प्रातः जागरण से लेकर सूर्यास्त तक समय के मध्य आचरणीय क्रियाकलाप दिनचर्या के रूप में माने जाते हैं तथा आदर्श दिनचर्या की शुरुआत सुबह चार बजे से लेकर पाँच के मध्य में उठने से होती है। अतः मनुष्य को अपनी दिनचर्या को अच्छा बनाने के लिए दिनचर्या के मुख्य घटक आत्मबोध,साधना कर दर्शन,भूमिवन्दना,वरिष्ठों का अभिवादन,उषापान,मलत्याग, दंतधावन,व्यायाम,तैलाभ्यंग (मालिश),स्नान,वस्त्र धारण,यज्ञ पूजा-विधान,तिलक धारण, सूर्योपस्थान,भोजन जीविकोपार्जन,संध्यावंदन को जानना एवं उसका पालन करना नितांत आवश्यक है।

योग गुरु ने कहा कि जीवन एक उत्सव है और योग के द्वारा इसे हम एक महोत्सव बना सकते हैं तभी जीवन का अर्थ हम समझ पाएंगे तथा जीवन को सार्थक बना पाएंगे इसलिए हर एक साधक को प्रत्येक दिन योग अभ्यास के साथ-साथ अपनी दिनचर्या को भव्य एवं सुंदर बनाना होगा तभी जीवन का विकास संभव है।

इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य प्रदीप कुमार सिंह ने कहा की योग करने वाले व्यक्ति की व्यक्तित्व ही अलग हो जाती है,योग के अभ्यास से व्यक्ति इतना स्वस्थ रहता है कि उसकी उम्र का अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता है उसके चेहरे पर हमेशा प्यारी सी मुस्कान होती है वह पूर्ण रूप से स्वस्थ एवं निरोग होता है हमेशा ऊर्जा से सराबोर होता है परम पुरुषार्थ करते हुए अपने जीवन के लक्ष्य की प्राप्ति कर सकता है।
समापन अवसर पर योग गुरु ने सभी बीएड अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी जीवन में योग करने का मौका मिल जाए और जीवन में योग की साधना की शुरुआत हो जाए तो समझ लेना कि जीवन उन्नत मार्ग की ओर है।

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इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक व शिक्षिकागणों के साथ साथ जनपद के विभिन्न स्थानों से आए विभिन्न बीएड अभ्यर्थियों ने समापन अवसर पर पूरी उर्जा का उत्साह के साथ योग का अभ्यास किया तथा विद्यार्थियों ने योग गुरु से कहा की अब इससे हमारे जीवन की नई शुरुआत योग के द्वारा हो रही है अतः आप अपने जीवन को उन्नत व श्रेष्ठ बनाने के लिए प्रतिदिन योग का अभ्यास साधना समझकर करेंगे।

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