बजरंग दल द्वारा धूमधाम से मनाया गया हनुमान जन्मोत्सव

मीरजापुर:नगर के गुरु कृपा मंडपम में मनाया गया हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर प्रभु श्रीराम माता जानकी व भक्त शिरोमणि हनुमान जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संत चरण संतोष दास त्यागी महाराज द्वारा कार्यकर्ताओं को आशीर्वचन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष विद्या भूषण ने कहा कि बजरंगबली का उपासना जहाँ होता है वहाँ से असुर शक्तियाँ अपने आप अपने गंतव्य को जाने लगती आगे उन्होंने कहा कि रामचरितमानस में हनुमान जी एक ऐसे पात्र हैं जो अपने कार्य का श्रेय भगवान श्रीराम को देते हैं और एक हमारे आराध्य बजरंगबली ही हैं जो कि असंभव कार्य को संभव कर सकते हैं ऐसे ही उन्होंने प्रभु के ऊपर उनके व्यक्तित्व के बारे में कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।इस अवसर पर प्रांत मिलन प्रमुख एवं विभाग संयोजक अविनाश ने बजरंग दल के धेय्य वाक्य सेवा सुरक्षा संस्कार के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि आज अखिल भारतीय द्वारा पूरे भारत में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर गोष्ठी और शोभायात्रा के माध्यम से बजरंग दल जगह जगह पर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष रामचंद्र शुक्ल ने अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं के श्लोक को पढ़ते हुए भगवान श्री राम प्रभु व वीर बजरंगबली के महान कार्यो के बारे में कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और उन्होंने कहा कि हनुमान जी है ऐसे भक्त थे जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राम की सेवा में लगा दिया।
उक्त अवसर पर नमामि गंगे के जिला संयोजक देव प्रकाश,विश्व हिंदू परिषद कोषाध्यक्ष पंकज टंडन, जिला धर्माचार्य प्रमुख सुभाष गिरी, जिला संयोजक प्रवीण,द्वे जिला सहसंयोजक अशोक व पवन, जिला ब्लोपासना प्रमुख कोमल, जिला विद्यार्थी संपर्क प्रमुख सुब्रतो, नगर संयोजक विष्णु, द्वे नगर सह संयोजक रितेश व सोनू,नगर गौरक्षा प्रमुख अंकित, नगर सह सप्ताहिक मिलन प्रमुख शोभित ,नगर सेवा प्रमुख चंद्रप्रकाश, नगर उपाध्यक्ष राजीव सिंह, नगर कार्याध्यक्ष विंध्यवासिनी ,द्वे नगर सह मंत्री आशीष व अभिनव, मनीष,अतुल, शिवम ,सत्यम, राज, हेमंत, शिवम , प्रांजल, उमेश पप्पन , शांतनु ,अतुल सिन्हा, रवि टंडन, गौरव, प्रमोद, प्रकाश, गुंजन व मातृशक्ति में प्रमुख रूप से संतोषी रेखा समेत कई अन्य कार्यकर्ता बन्धु उपस्थित रहे।
