जागरुकता शिविर : अन्तर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के अवसर पर बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं का उद्घोष

  • अन्तर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के अवसर पर बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं एवं महिलाओं के हित संरक्षण का उद्घोष करते हुए महिलाओं की समस्याओं की समाधान बताया गया
  • विन्ध्याचल मंडल में बाल लिंगानुपात मीरजापुर में 1000 पुरुष के सापेक्ष 902 महिलाएं है

मीरजापुर: प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र गुरुण्डी के सभागार में शुक्रवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के आदेशानुसार अन्तर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के अवसर पर बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं एवं महिलाओं के हित संरक्षण का उद्घोष करते हुए महिलाओं की समस्याओं की सभाधान हेतु उपलब्ध तंत्र और न्यायिक व्यवस्था में केन्द्रीय संसद में भारतीय दण्ड संहिता 1860 महेज प्रतिषेध अधिनियम, 1901 घरेलू हिंसा निवारण अधिनियम 2005 इत्यादि एवं पूर्व गर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक पी०सी०पी०एन०डी०डी० अधिनियम 1994 के तहत के उन प्रावधानों से अवगत कराना है जो महिलाओं एवं बालिकाओं के हित में संरक्षण विषय पर अपर जिला जज, एफ.टी.सी. / सचिव डी.एल. एस.ए. लाल बाबू यादव ने उपस्थित स्टाफ नर्स, ए. एनम आगवाड़ी कार्यकवियों, संगिनी, आशा बहुओं, महिला समूह की महिलाओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि महिलाओं के हित व संरक्षण के लिए विभिन्न कानून भारतीय दण्ड संहिता 1986 में धारा उकए एवं 326बी जोड़कर वर्ष 2013 में अम्लीय हमले में शारीरिक क्षति के अपराध में आजीवन करावास तक के दण्ड का प्रावधान किया है। इसी प्रकार वर्ष 2013 में ही संशोधन करके धारा 376 धारा 376 376बी एवं असई जोड़कर बलात्कार के कतिपय मामलों में मृत्युदण्ड का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त यह भी प्रावधान किया गया है कि बलात्कार संबंधी अपराधों में आजीवन कारावास का पात्पर्य शेष प्राकृतिक जीवन भर का कारावास होगा के साथ साथ महिलाओं के हित व सराण हेतु और भी कानून बनाये गये है जैसे गहिलओं का घरेलू हिंसा से सरंक्षण अधिनियम-2005, दहेज प्रतिषेध कानून 1961, बच्चियों / बच्चों का लैंगिक अपराधों से सरदान अधिनियम(पॉक्स) 2012 महिलाओं का कार्यस्थल पर यौन शोषण निवारण प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 एवं पूर्व गर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम-2006, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006, गिरफ्तारी से पूर्व गिरफ्तारी के समय एवं उसके बाद महिलाओं के अधिकार के सन्दर्भ में विस्तृत जानकारी दिये। विशेष बल देते हुए कहा कि पति-पत्नी के वैवाहिक विवाद प्री-लिटिगेशन के तौर पर कोई भी पक्षकार अपना प्रार्थना पत्र देकर सुलह-समझौता के माध्यम से निदान प्राप्त कर सकता है।



शिविर में मनस्टाप सेन्टरका पूजा मार्या, महिला कल्याण विभाग से शालिनी सिंह ने स्टाफनर्स, ए.एम. आगवाड़ी कार्यकत्रियों, सागनी आशा बहुओं, महिला समूह की महिलाओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि मिशन के तहत मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना निराश्रित महिला पेंशन योजना मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय पोषण मिशन योजना की विस्तृत जानकारी दी साथ ही प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बी.एन. यादव ने PCPNDT Act अधिनियम 1994 के तहत कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए बनाया गया है। जनपद मुख्यालय एवं सभी तहसील स्तर पर चलाये जा रहे कुल पंजीकृत अल्ट्रासाउण्ड पैथोलाजी सेन्टर है जिन्हें समय समय पर निरीक्षण नामित चिकित्सक द्वारा किया जाता है। यदि किसी सेन्टर पर कन्या भ्रूण लिंग परीक्षण होना पाया जाता है तो कानूनी कार्यवाही की जाती है उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विन्ध्याचल मंडल में बाल लिंगानुपात मीरजापुर में1000 पुरुष के सापेक्ष 902 महिलाएं है जबकि यह लिंगानुपात अनुपात ऋणात्मक है इसको बढ़ाने का निरन्तर प्रयास किये जा रहे है।

यह भी देखें  कानपुर में कोयला जलाकर सो रहे देवरिया के 4 दोस्तों की मौत

शिविर में दीपक कुमार श्रीवास्तव, पी.एल.वी. कल्पना यादव, रूपा गुप्ता,कृष्ण कुमार ओमप्रकाश कसेरा एवं गुरसण्डी अस्पताल के नर्स, एएनम एवं आगवाड़ी कार्यकत्रियों, संगिनी, आशा बहुओं, महिला समूह की महिलाओं ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

अस्वीकरण : इस वेबसाइट पर दी की गई ख़बर,फोटो तथा वीडियो जैसा हमारे सवांददाता ने दिया है उसे प्रकाशित किया गया है । यदि किसी ख़बर,फोटो, वीडियो पर सुझाव, शिकायत या आपत्ति हो तो हमें thenewswalaportal@gmail.com पर मेल करें, किसी भी ख़बर,फोटो, वीडियो के लिए The Newswala जिम्मेदार नहीं होगा।



About Author

Leave a Reply

error: Content is protected !!