चौमूं उपखंड में भष्ट्राचार का बड़ा खेल, 25 दिनों में एसीबी की 3 बड़ी कारवाई
- भष्ट्राचार के शतरंज मे एसीबी ने भष्ट्राचारियों को मात तो दी लेकिन भष्ट्राचार के वजीर आज भी जाल से बाहर……
- चौमूं नगरपालिका के भष्ट्राचार खेल में एसीबी की सेंध, पट्टों की आड़ में दिखा बड़ा खेल, पट्टा देने की एवज में वसूली….
कमलेश शर्मा , चौमूं | लगातार भष्ट्राचार के आरोपों में घिरी चौमूं नगरपालिका पर मंगलवार को ऐसी गाज गिरी कि भष्ट्राचारियों के होश उड गए, हालांकि भष्ट्राचार के इस पूरे खेल में इस खेल के वजीर बच गए और प्यादे को ही मात देकर एसीबी को संतुष्ट होना पड़ा. बड़ी बात यह है कि चौमूं उपखंड में महज 25 दिनों में एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई एसीबी द्वारा अलग अलग सरकारी संस्थानों पर की गई. जिससे आप और हम यह अंदाजा लगा सकते हैं कि उपखंड के सरकारी महकमे में भष्ट्राचार किस कदर व्याप्त है. आपको बता दे कि पिछले कई महिनों से चौमूं नगरपालिका टेंडरों और पट्टों को लेकर आरोपों में घिरती आ रही थी. एलईडी लाइट टेंडर, पानी की पाइपलाइन टेंडर, आदि में जंहा नगरपालिका बोर्ड पर भष्ट्राचार के गंभीर आरोप लग रहे थे. तो वही दूसरी ओर पार्किंग ठेके को लेकर खुलेआम अवैध वसूली ने चौमूं नगरपालिका पर लगे आरोपों को सत्य साबित करने में कोई कसर नही छोडी. तो वही दूसरी ओर सोमवार को कृषि मंडी में हुई एसीबी की कारवाई का भी आमजनता को सालों से इंतजार था. आपको बता दे कि लगभग 10 सालों के कार्यकाल में ट्रेप हुए कृषि मंडी सचिव अमर सैनी ने अपनी कलम से कई घोटालों की किताब अपने नाम लिखी है जिसमें ट्रेप हुआ संविधा कर्मी किशोर बुटोलिया ने पूरा साथ निभाने का काम किया है. चौमूं उपखंड में लगातार हुई इन कारवाईयो ने भष्ट्राचारियों में भय का माहौल तो बना दिया है, लेकिन भष्ट्राचार के वजीर आज भी एसीबी के जाल से दूर दिखाई दे रहे हैं. हालांकि भाजपा के कई पार्षदों ने नगरपालिका पहुंची एसीबी टीम व अधिकारियों को लिखित मे शिकायत देते हुए नगरपालिका द्वारा हो रहे घोटालों के बारे में अवगत करवाया है. अब देखना यह है कि भष्ट्राचार के इस खेल में एसीबी भष्ट्राचार के वजीरो को मात कर पाएगी या भष्ट्राचारी अपने मनसूबे में कामयाब रहेगे.लगातार भष्ट्राचार के आरोपों में घिरी चौमूं नगरपालिका पर मंगलवार को ऐसी गाज गिरी कि भष्ट्राचारियों के होश उड गए, हालांकि भष्ट्राचार के इस पूरे खेल में इस खेल के वजीर बच गए और प्यादे को ही मात देकर एसीबी को संतुष्ट होना पड़ा. बड़ी बात यह है कि चौमूं उपखंड में महज 25 दिनों में एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई एसीबी द्वारा अलग अलग सरकारी संस्थानों पर की गई. जिससे आप और हम यह अंदाजा लगा सकते हैं कि उपखंड के सरकारी महकमे में भष्ट्राचार किस कदर व्याप्त है. आपको बता दे कि पिछले कई महिनों से चौमूं नगरपालिका टेंडरों और पट्टों को लेकर आरोपों में घिरती आ रही थी. एलईडी लाइट टेंडर, पानी की पाइपलाइन टेंडर, आदि में जंहा नगरपालिका बोर्ड पर भष्ट्राचार के गंभीर आरोप लग रहे थे. तो वही दूसरी ओर पार्किंग ठेके को लेकर खुलेआम अवैध वसूली ने चौमूं नगरपालिका पर लगे आरोपों को सत्य साबित करने में कोई कसर नही छोडी. तो वही दूसरी ओर सोमवार को कृषि मंडी में हुई एसीबी की कारवाई का भी आमजनता को सालों से इंतजार था. आपको बता दे कि लगभग 10 सालों के कार्यकाल में ट्रेप हुए कृषि मंडी सचिव अमर सैनी ने अपनी कलम से कई घोटालों की किताब अपने नाम लिखी है जिसमें ट्रेप हुआ संविधा कर्मी किशोर बुटोलिया ने पूरा साथ निभाने का काम किया है. चौमूं उपखंड में लगातार हुई इन कारवाईयो ने भष्ट्राचारियों में भय का माहौल तो बना दिया है, लेकिन भष्ट्राचार के वजीर आज भी एसीबी के जाल से दूर दिखाई दे रहे हैं. हालांकि भाजपा के कई पार्षदों ने नगरपालिका पहुंची एसीबी टीम व अधिकारियों को लिखित मे शिकायत देते हुए नगरपालिका द्वारा हो रहे घोटालों के बारे में अवगत करवाया है. अब देखना यह है कि भष्ट्राचार के इस खेल में एसीबी भष्ट्राचार के वजीरो को मात कर पाएगी या भष्ट्राचारी अपने मनसूबे में कामयाब रहेगे.