मंत्री अशोक चांदना के बिगड़े बोल – जाओ मुकदमा दर्ज करवा दो
- नगरपालिका में आयोजित कार्यक्रम ने दिया जन संदेश, सरकार अपनी हो तो ना परमिशन चाहिए और ना कारवाई का डर होना चाहिए
कमलेश शर्मा, जयपुर । पूरा देश एक बार फिर कोविड महामारी से लडता नजर आ रहा है, राज्य सरकार ने बढते कोविड केसों को देखते हुए शादी समारोह में सिर्फ 50 लोगों को उपस्थित होने की अनुमति दी, तो वही प्रशासन ने भी बाजार को कोविड गाइड लाइन की पालना करवाने के लिए कोई कसर नही छोडी चाहे फिर व्यापारियों के चालान काटना पडे या फिर उन्हें समझना पडे, हर डगर पर सरकार और प्रशासन ने कोविड को हराने की कोशिश की, लेकिन शनिवार को राजधानी के चौमूं शहर में ऐसा नजारा भी देखा गया जंहा सरकार सत्ता के मद में चूर तो प्रशासन बेबस दिखाई दे रहा था. सैकड़ो की भीड़ नगरपालिका में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंची हुई थी. तो मंच पर राज्य सरकार के मंत्री व नगरपालिका अध्यक्ष बिना मास्क के दर्जनों लोगों के साथ अपने बखान में लगे हुए थे. तो वही दूसरी ओर मंत्री के प्रोटोकॉल में खड़े एसीपी, थानाधिकारी बेबसी रूप से पूरा नजारा देख रहे थे. और ऐसे में जब मंत्री जी को मिडिया द्वारा यह ज्ञात करवाया गया कि वह सरकार के अभिन्न अंग है उन्हें जनता के सामने कोविड गाइड लाइन की अनुपालना नहीं करनी चाहिए तो मंत्री अशोक चांदना भडक गए और मिडिया को ही नसीहत देते हुए मुकदमा दर्ज करवाने की बात कह गए. वही आपको बता दे कि चौमूं नगरपालिका में पिछले एक साल में लगभग 30 करोड़ रुपए के टेंडर का होना सामने आया है. लेकिन बात सत्यता की करे तो नगरपालिका द्वारा टेंडर प्रक्रिया में कई बार गडबडी का खेल उजागर हुआ, जिसके चलते नगरपालिका को कई टेंडरों में अपने पैर पीछे लेने पडे. गौरतलब है कि बोरिंग टेंडर प्रक्रिया की धांधली और अपने चहेते पार्षद को सरकारी धन लूटाने के लिए जारी प्रक्रिया में नगरपालिका ने अपने पैर पीछे खिचने में ही भलाई समझी. तो वही सूत्रों की माने तो भष्ट्राचार के आरोपों में घिरी रहने के चलते ही अधिशासी अधिकारी वर्षा चौधरी को हाल ही में एपीओ होना पड़ा था. तो दुसरी ओर आपको बता दे कि नगरपालिका में आयोजित कार्यक्रम एक साल बेमिसाल में नगरपालिका उपाध्यक्ष किरण शर्मा सहित करीब आधा दर्जन से ज्यादा कांग्रेसी पार्षदों ने कार्यक्रम में दुरी बनाई रखी. सूत्रों की माने तो लगातार पालिका में बढते भष्ट्राचार व तानाशाही रवैये को लेकर इन सभी पार्षदों ने पालिका से दूरी बना रखी है. तो वही आलाकमान व आलाधिकारिगणो को पालिका की करतूत से भी कई बार रूबरू करवा चुके हैं.