महायज्ञ के दौरान कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने राजनीतिक, उद्योगिक, और बुद्धिजीवियों से केन्द्रीयकरण के लिए अपील की
काशी के सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय विकास समिति ने संवत्सरव्यापी चतुर्वेदस्वाहाकार विश्वकल्याण महायज्ञ का आयोजन किया। इसमें अनेक राजनैतिक, उद्योगिक, और समाजसेवी व्यक्तियों ने भाग लिया।
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय विकास समिति ने संवत्सरव्यापी चतुर्वेदस्वाहाकार विश्वकल्याण-महायज्ञ का आयोजन किया। इस महायज्ञ के दौरान, संस्था के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने संस्था के स्थायी हित के लिए काशी के राजनेताओं, उद्योगपतियों, और बुद्धजीवियों से केन्द्रीकरण के लिए अपील की है।
इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रपोजल तैयार किया गया है, जिसे देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए सूचित किया गया है। महायज्ञ में विश्वविद्यालय कुलपति बिहारी लाल शर्मा,प्रो आनंद कुमार त्यागी, काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रो नागेंद्र नाथ पाण्डेय, राज्यसभा सदस्य श्रीमती दर्शना सिंह, विधायक श्री त्रिभुवन राम, श्री अवधेश सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, मेयर अशोक कुमार तिवारी, समाजसेवी आरके चौधरी, वास्तुविद श्री आर सी जैन, और अशोक अग्रवाल सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने सहभागिता दिखाई।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि नियमित रूप से वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा और विश्वकल्याण की कामना से रोजाना तीन घंटे यज्ञ के अनुष्ठान होंगे। विभागाध्यक्ष प्रो. महेंद्र पांडेय ने बताया कि यज्ञशाला में नियमित रूप से हवन होगा। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वीरान पड़े हवन कुंड से मंगलवार को वेद व यज्ञ परंपरा जीवंत हो गई। विश्वविद्यालय के वेद विभाग में विश्व कल्याण महायज्ञ की शुरुआत हो गई है।
यहां 365 दिन चारों वेदों के मंत्रों से यज्ञ कुंड में आहुतियां अर्पित की जाएंगी। वसुधैव कुटुंबकम की धारणा और विश्वकल्याण के भाव से रोजाना तीन घंटे यज्ञ के अनुष्ठान पूर्ण होंगे। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में पहली बार चतुर्वेद स्वाहाकार विश्व कल्याण महायज्ञ की शुरुआत मंगलवार से हो गई है। 365 दिनों तक रोजाना तीन घंटे चलने वाले इस महायज्ञ में वेद विभाग के शिक्षकों के साथ ही छात्रों की भी भागीदारी होगी। चारों वेदों के मंत्रों से रोजाना यज्ञ में आहुतियां अर्पित की जाएंगी।