डीपीआरओ का भ्रष्टाचार, फाइलों में गांव का विकास

विकास मणि , देवरिया | विकास भवन के विकास की कहानी बड़ी लंबी है फाइलों में दबे भ्रष्टाचार की कहानी हर आवेदन और जांच के साथ दम तोड़ रही है तो ग्राम पंचायतों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही हैं क्योंकि वर्तमान डीपीआरओ भ्रष्टाचार की उस दलदल में है जहां उन्होंने अपने ही विभागीय पत्रों का शिकायतकर्तागण के बार-बार अवगत कराने के बाद भी अवलोकन नहीं किया और लाखों का घोटाला डीपीआरओ कार्यालय की मिलीभगत से संभव हो सका |
ज्ञात हो कि लार ब्लाक के महूजा गांव में सरकारी धन का दुरुपयोग ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा निजी हित में किया गया जिसकी जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत लार द्वारा की गई | जांच कर अपनी आख्या एडीओ पंचायत लार ने दिनांक 19:10:2020 को डीपीआरओ कार्यालय को प्रस्तुत किया एवं डीपीआरओ कार्यालय ने पत्रांक संख्या 3278 दिनांक 26:10:2020 को ग्राम प्रधान महूजा एवं सेक्रेटरी को कारण बताओ नोटिस जारी कर एडीओ पंचायत की रिपोर्ट पर आरोप लगाया गया की ग्राम प्रधान एवं सेक्रेटरी द्वारा पांच लाख तीस हजार रुपए (530000) नाली निर्माण एवं खड्डजा निर्माण कार्य कराने के नाम पर भुगतान करा लिया गया और मौके पर कोई कार्य नहीं कराया गया जिसके बाबत 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया था और स्पष्टीकरण न देने की दशा में आरोप सिद्ध होने की बात कारण बताओ नोटिस में कही गई थी |
लेकिन नोटिस भेजे 1 वर्ष से अधिक हो गया और ग्राम वासियों को अब प्रतीत हुआ कि डीपीआरओ कार्यालय की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया गया तथा आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई पूरे मामले को दबा चुका है और वर्तमान डीपीआरओ मौन हैं एवं पूरे प्रकरण में उनकी भूमिका संदिग्ध है या फिर गांधी जी ने डीपीआरओ की भूमिका तय कर दी है |