खरीफ तो पानी में बहा, रबी की बुआई पर भी फिरा पानी
सलेमपुर से स्वप्निल द्विवेदी की रिपोर्ट
सलेमपुर। 2021 की बरसात किसानों पर आफत बन कर बरसी। इस वर्ष की बारिश ने जहाँ खरीफ की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान किया वहीं अभी भी खेतों में इतना पानी लगा है कि रबी की बुआई भी नहीं हो पाएगी। जलजमाव से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हुई है। किसानों की बात करने वाली सरकार ने बरसात के पानी से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजा का सर्वे तक नहीं कराया है।
सलेमपुर तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों में किसानों की जलजमाव के कारण कमर टूट गई है।दो वर्ष पहले तक जो किसान धान,मक्के,आलू,गेंहू सब्जीयों की खेती से अच्छा मुनाफा कमा लेते थे वे आज अपनें फसलों की बर्बादी पर आंसू बहा रहे हैं।विकास खण्ड लार के रक्सा,नैनी डैनी,घारी आंशिक,चौहान टोला,गयागीर में सैकड़ों एकड़ फसल डूब चुकी है।नवलपुर से लार बाईपास रोड पर जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होंने से इन गांवो का पानी एक ही जगह ठहर गया है।गांव चारों तरफ से जलमग्न है तथा कृषि योग्य भूमि पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।रक्सा के दीपक यादव,प्रभु चौहान,विनोद यादव,नरेश चौहान,रामजी यादव,वशिष्ठ राजभर,हरेन्द्र राजभर आदि किसानों नें बताया कि प्रत्येक वर्ष धान, मक्का, आलू, अरहर ,गेंहू की बुवाई हो जाती थी लेकिन तीन वर्षों से खेतों के जलमग्न हो जानें से एक भी सीजन की बुवाई नहीं हो पा रही है।सूचना देनें पर भी शासन द्वारा कोई सुनवाई नहीं होती है।