बबलू सिंह का लहरा परचम, पत्नी अनुभा बनी लार की प्रमुख
- जिपं के बाद ब्लाक प्रमुखी में भी भाजपा की करारी हार
- भाजपा की बागी अनुभा सिंह ने डॉ विभा सिंह को दी कड़ी शिकस्त
- अनुभा के पति बबलू सिंह है देवरिया-कुशीनगर स्थानीय निकाय के भाजपा नेता
- बढ़ती लोकप्रियता से ईर्ष्या रखने वालों ने नहीं देने दिया भाजपा का टिकट
लार। टिकट बंटवारे में जिताऊ प्रत्याशी न खड़ा करके जनाधारविहीन लोगों को टिकट देना भाजपा को एक बार फिर भारी पड़ा। इसके पूर्व जिला पंचायत के चुनाव में लार की तीनों सीटों से भाजपा ने हाथ धोया था। अबकी ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भी भाजपा हार गई।
ब्लाक प्रमुख के चुनाव के लिए विगत दो वर्षों से बरडीहा परशुराम निवासी अमित कुमार सिंह बबलू तैयारी में थे। जनपद में भाजपा के हर कार्यक्रमों में बबलू सिंह बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते रहे हैं। सलेमपुर के सांसद रविंद्र कुशवाहा, जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह , प्रभारी मंत्री श्रीराम चौहान सहित भाजपा के कई बड़े नेताओं से उनकी काफी नजदीकी है। सभी ने इन्हें आश्वस्त भी किया था। समाजिक गतिविधियों जैसे कम्बल वितरण, भंडारा और कोरोनाकाल में गरीबों को मदद करने में बबलू सिंह ने एक कीर्तिमान स्थापित किया। इन सबके बावजूद जब ब्लाक प्रमुख का चुनाव आया तो पार्टी ने बबलू सिंह की पत्नी अनुभा सिंह को टिकट न देकर डॉ विभा सिंह पत्नी श्याम सुंदर सिंह , रामनगर को टिकट दे दिया। लार में त्रिकोणीय मुकाबला था। अनुभा सिंह, विभा सिंह और कुंडऊली निवासी राजीव कुमार सिंह उर्फ राजू पहाड़ी की पत्नी अंकिता सिंह मैदान में थीं। दिन भर की गहमागहमी के बाद जब शाम को चुनाव परिणाम आया तो लार में अनुभा सिंह चुनाव जीत गईं। 79 बीडीसी वालेे लार में अनुभा सिंह पत्नी अमित सिंह को 45 और भाजपा प्रत्याशी डॉ विभा सिंह को 34 मत मिले है। इस तरह अनुभा सिंह ने 11 मतों से जीत हासिल किया है।
भाजपा में था, भाजपा में हूँ और भाजपा में रहूंगा-बबलू सिंह
ब्लाक प्रमुख चुनाव में पत्नी अनुभा सिंह के विजय के बाद अमित कुमार सिंह बबलू ने कहा कि न जाने किस कारण से हमें टिकट नहीं मिला। हम भाजपा में थे, हैं और रहेंगे। हम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी में आस्था रखते हैं। भाजपा का एक छोटा सिपाही हूँ।